महाराष्ट्र की सियासत में सुप्रीम कोर्ट उद्धव गुट को लगातार झटके दे रहा है, जिससे कि एकनाथ शिंदे का रास्ता साफ़ होता जा रहा है. शिवसेना उद्धव गुट के लिए नया झटका यह है कि शिंदे गुट की ओर से बतौर शिवसेना पार्टी नया पार्टी सचेतक नियुक्त करने के महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष के फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट की नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एकबार फिर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वह 11 जुलाई को ही अन्य मामलों के साथ इस मामले की सुनवाई करेगा। बता दें कि शिवसेना के बागी विधायकों के गुट के नए पार्टी सचेतक को मान्यता देने के महाराष्ट्र विधानसभा स्पीकर राहुल नर्वेकर के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में आज याचिका दायर की गई थी।
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इधर फ्लोर टेस्ट से पहले उद्धव गुट के विधायक संजय बागड़ अब फिर बागी हो गये हैं. खबर है की वह अब शिंदे कैंप ज्वाइन करेंगे. संजय बांगड़ कल ही उद्धव खेमे में वापस लौटे थे और स्पीकर के चुनाव में नार्वेकर के खिलाफ वोट डाला था, बांगड़ की शिंदे किहेमे में फिर वापसी उद्धव गुट के लिए बड़े झटके जैसा है. बता दें कि बागी गुट के चीफ व्हिप को मान्यता मिलने के बाद उद्धव गुट के विधायकों पर सदस्यता जाने की तलवार लटक रही है. संजय बांगड़ ने शिंदे गुट में वापसी का फैसला शायद इसी वजह से लिया हो .वहीँ शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बीजेपी-शिंदे गुट को अस्थाई बताया है. राउत का कहना है कि वे लोग जनता के सामने नहीं जा सकेंगे. शिवसेना प्रवक्ता ने कहा कि जब ये विधायक शिवसेना में थे तब शेर थे. उन्होंने पूछा कि इन विधायकों को किस चीज का डर है? संजय राउत ने कटाक्ष करते हुए कहा कि इतनी सुरक्षा तो आतंकी कसाब की भी नहीं थी.
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वहीँ फ्लोर टेस्ट से पहले NCP नेता अजित पवार को विधानसभा में लीडर ऑफ़ अपोज़िशन बनाया गया है. बता दें कि बीजेपी विधायक जयकुमार रावल ने दावा किया है कि एकनाथ शिंदे के पक्ष में कल से भी ज्यादा वोट पड़ेंगे. विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी-शिंदे गुट के राहुल नार्वेकर को 164 वोट मिले थे.
