अराधना करने पर भी नहीं मिली कामयाबी तो भगवान को ठहराया जिम्मेदार
अल्मोड़ा। अपने जीवन में कामयाबी पाने के लिये भगवान से प्रार्थना हम सभी करते हैं। मन में श्रद्धा लिये हम भगवान की अटूट आराधना करते हैं। लेकिन कामयाबी न मिले तो उसे अपनी किस्मत मानकर संतोष कर लेते हैं। लेकिन भगवान के प्रति आगाध श्रद्धा और भक्ति के साथ नित आराधना कर उन्हें प्रसन्न करने की चाह रखने वाले एक छात्र को आशातीत सफलता नहीं मिली तो उसने भगवान की मूर्ति को ही चुरा लिया। पुलिस ने छात्र को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर भगवान की मूर्ति बरामद कर ली है।
मंदिरों का घाट कहे जाने वाले अल्मोड़ा जिले के द्वाराहाट में दूर-दूर से लोग भगवान के दर्शनों के लिये आते हैं। यहां के महामृत्युंजय मंदिर के शिवलिंग का हिस्सा चोरी हो जाने से हड़कंप मच गया। मंदिर समिति की ओर से 9 फरवरी को द्वाराहाट थाने में रिपोर्ट दर्ज करायी गयी थी। जिसके बाद एसएसपी पंकज भट्ट के निर्देशन में पुलिस ने चोरी का खुलासा करने के प्रयास शुरू कर दिये। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक युवक को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो उसने पुलिस को बरगलाने का भरसक प्रयास किया। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने चोरी की मूर्ति बरामद कराई।
उसने सनसनीखेज बयान देकर सबको चैंका दिया। मूर्ति चोरी के आरोपी तारा सिंह ने बताया कि वह कक्षा 11 से ही भैरव बाबा की आराधना करता था। भैरव बाबा के प्रति आगाध श्रद्धा रखने वाले तारा सिंह की मनोकामनाएं पूूरी नहीं हुईं तो उसे लगा कि भगवान उसे भक्ति का फल नहीं दे रहे हैं। ऐसे में भैरव बाबा के प्रति उसकी नाराजगी बढ़ती चली गयी और उसने भगवान को सबक सिखाने की ठान ली। तारा सिंह ने नौ फरवरी को महामृत्युंजय मंदिर से भैरव बाबा की मूर्ति और चिमटे चोरी कर लिये। हालांकि आरोपी तारा सिंह शिवलिंग को भैरव बाबा की मूर्ति समझ कर ले आया था जिसे उसने अपने स्कूल के पास छिपा दिया था।
छात्र की इस चोरी को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रहीं हैं। भगवान से बदला लेने के लिये भगवान की ही मूर्ति को चोरी करने की घटना से सबको अचंभे में डाल दिया है। वहीं मूर्ति को बरामद करने वाली पुलिस टीम को डीआईजी ने 5 हजार रुपये का इनाम दिया है।

