बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी ने गुरुवार को लगातार सातवें दिन शुरुआती बढ़त खो दी और गिरावट के साथ बंद हुए। इसकी वजह चुनिंदा आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली और विदेशी फंडों की निकासी रही। सेंसेक्स 32.11 अंक की गिरावट के साथ 76,138.97 पर और निफ्टी 13.85 अंक गिरकर 23,031.40 पर बंद हुआ। अडानी पोर्ट्स, इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, नेस्ले और टाइटन पिछड़ गए। सन फार्मा, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, कोटक महिंद्रा बैंक और जोमैटो सबसे ज्यादा लाभ में रहे।
बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 4,969.30 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बढ़ती रुचि के कारण चीनी प्रौद्योगिकी शेयरों में उछाल ने एफआईआई को अधिक आकर्षक रिटर्न की तलाश में पुनर्निर्देशित किया।”
एशियाई बाजारों में सियोल और टोक्यो में तेजी रही, जबकि शंघाई और हांगकांग में गिरावट दर्ज की गई। यूरोपीय बाजारों में मिलाजुला रुख रहा। बुधवार को अमेरिकी बाजार ज्यादातर गिरावट के साथ बंद हुए। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.94 प्रतिशत गिरकर 74.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
जनवरी में खुदरा मुद्रास्फीति में गिरावट का सिलसिला जारी रहा और यह पांच महीने के निचले स्तर 4.31 प्रतिशत पर आ गई, जिसका मुख्य कारण सब्जियों, अंडों और दालों की कीमतों में गिरावट थी।

