
लखनऊ। प्रदेश के चुनाव का चार पड़ाव पार होने के बाद अब बारी पांचवे पड़ाव (Fifth phase of election) की है। इस पांचने चरण में 27 मार्च को वोट डाले जाएंगे। विधानसभा चुनाव के लिए यह पांचवें चरण का मतदान काफी अहम माना जा रहा है। इस पांचवें चरण में भाजपा के प्रदर्शन की असली परीक्षा है। पांचवें चरण के चुनाव में धार्मिक आस्था के जिलों में प्रयागराज,चित्रकूट, अयोध्या, श्रावस्ती भी शामिल हैं। जहां पर 27 मार्च को मतदान होना है। भाजपा के लिए पांचवां चरण इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस चरण में भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से लेकर तपोभूमि चित्रकूट तक वोट डाले जाएंगे। बात 2017 के विधानसभा चुनाव की करें तेा उस दौरान भाजपा ने इस पांचवे चरण में 90 प्रतिशत सीटों पर कब्जा किया था। भाजपा इस बार राम मंदिर के निर्माण के सहारे अपने उस प्रदर्शन को दोहराने की कोशिश में है।
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2017 में भाजपा जीती थी 52 सीटें
विधानसभा चुनाव (Assembly election) के इस पांचवें चरण के लिए 11 जिलों के 60 विधानसभा सीटों पर 27 फरवरी को वोट डाले जाएंगे। उपरोक्त जिलों के अलावा अन्य जो जिले इस चरण में शामिल किए गए हैं उनमें अमेठी, सुल्तानपुर,बाराबंकी, बहराइच, गोंडा जैसे जिले हैं। वर्ष 2017 में हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 60 सीटों में से 52 पर कब्जा किया था। जिसमें दो सीटें भाजपा की सहयोगी दल अपना दल (एस) की शामिल थी। वहीं इनमें से 5 सीट सपा को,1 पर कांग्रेस और दो निर्दलीय के कब्जे में रही थी। बसपा का यहां पर खाता भी नहीं खुला था। राममंदिर निर्माण के कारण अयोध्या का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2017 के चुनाव में भाजपा ने अयोध्या की सभी पांच विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी।
इलाहाबाद (Allahabad) जो कि अब प्रयागराज हो चुका है। 2017 में भाजपा ने यहां की 12 विधानसभाओं में से 9 पर जीत दर्ज की थी। यहां पर भाजपा के सामने पुराना प्रदर्शन को दोहराने की चुनौती है।
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बात चित्रकूट जिले की करें तो यहां भगवान राम ने अपने बनवास के 11 साल बिताये थे। चित्रकूट को भगवान राम की तपस्थली कहा गया है। चित्रकूट की दो विधानसभा सीटें 2017 में भाजपा ने जीती थी। 2019 यहां से विधायक बाल कुमार पटेल सांसद बन गए थे। उसके बाद हुए उपचुनाव में बीजेपी को फिर से जीत मिली थी। चित्रकूट सदर से आनंद कुमार शुक्ला विधायक बने थे।