कोरोना संक्रमण बढ़ने के असली जिम्मेदार ‘आप और हम’

मेरठ रीजनकोरोना संक्रमण बढ़ने के असली जिम्मेदार ‘आप और हम’

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हर बार सरकार और प्रशासन पर सवाल उठाना नहीं है सही
मास्क पहनने या सामाजिक दूरी रखने का नहीं रख रहे ध्यान

अमित बिश्‍नोई

न्यूज डेस्क। देश में कोरोना की दूसरी लहर काफी तेजी से बढ़ रही है। हर दिन बढ़ती कोरोना संक्रमितों की संख्या हालात की भयावहता को प्रदर्शित कर रही है। लेकिन हर बात में सरकार को दोषी ठहराने के आदि हो चुके हम लोग ही कोरोना संक्रमण के बढ़ने की मुख्य वजह हैं। रोज सुबह अखबारों में कोरोना संक्रमण के आंकडे़ देख चिंता जताने और फिर सरकार या प्रशासन को दोषी ठहराने के बाद दिन भर हम कोरोना संक्रमण के खतरे को नजरअंदाज कर मास्क पहनने या सामाजिक दूरी रखने के नियमों का पालन तक नहीं करते। हमारी यही लापरवाही कोरोना के प्रसार के तेज होने की वजह बन गयी है।

देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या रिकार्ड स्तर पर पहुंच रही है। देश के अनेक राज्यों में लाॅकडाउन या नाइट कर्फ्यू लागू किया जा चुका है। उत्तर प्रदेश की तरह अनेक राज्यों में आयोजनों पर प्रतिबंध लगा कर उसे सीमित रूप मंे आयोजित करने की ही अनुमति दी जा रही है। वहीं कोविड वैक्सीनेशन का कार्य भी काफी तेजी के साथ किया जा रहा है। सरकार कोरोना संक्रमण को रोकने के लिये हरसंभव प्रयास कर रही है मगर संक्रमण की रफ्तार कम होने का नाम नहीं ले रही है।

कोरोना संक्रमण बढ़ने के असली जिम्मेदार ‘आप और हम’

कोरोना संक्रमण के बढ़ने का प्रमुख कारण आपकी और हमारी लापरवाही है। सरकार और प्रशासन की ओर से लोगों को मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलने, सामाजिक दूरी बनाये रखने और सेनेटाईजेशन का ध्यान रखने को प्रेरित किया जा रहा है। मगर हकीकत यह है कि हम में से अधिकतर लोग मास्क लगाते ही नहीं हैं। जो लगाते हैं उनमें से भी अधिक संख्या उन लोगों की है जो पुलिस या चालान के डर से ही मास्क लगा रहे हैं। लोग अपने कार्यालयों, काॅलेजों, सरकारी दफ्तरों में घुसते हुए तो मास्क लगाते हैं क्योंकि उन्हें दरवाजे पर टोके जाने का डर होता है। लेकिन अंदर घुसने के बाद पहला काम मास्क को लपेट कर जेब में रखना होता है। उसके बाद दिन भर न मास्क लगाने की टेंशन और न सामाजिक दूरी रखने का ध्यान। हाथ बार-बार धोना तो लोग भूल ही गये हैं।

कोरोना संक्रमण बढ़ने के असली जिम्मेदार ‘आप और हम’

शाम को घर पर पहुंचते ही परिवार के साथ निकल जाते हैं बाजार में। कुछ खरीदारी करते हैं फिर चाट-गोलगप्पे, चाऊमीन जैसे फास्ट फूड का आनंद लेते हैं। भीड़ के बीच खाते हैं और जमकर चटकारे लगाते हैं। फिर ठंडी हवा का आंनद लेते हुए घर वापस आ जाते हैं। अगले दिन फिर अखबार पढ़कर कोरोना के बढ़ने पर चिंता जताते हैं और फिर से वही पुरानी दिनचर्या शुरू कर देते हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण को रोका भी कैसे जा सकता है।

तो यदि आप भी चाहते हैं कि कोरोना संक्रमण आगे न बढ़े, लोग स्वस्थ रहें और संक्रमण से किसी की जान न जाये तो सिर्फ बातें करने या चिंता जताने से कुछ नहीं होगा। मास्क पहनें, सामाजिक दूरी रखें और हाथ बार-बार धोकर खुद को और अपने साथ वालों को संक्रमण का शिकार होने से बचायें। कोरोना संक्रमण बढ़ने के लिये सरकार और प्रशासन को जिम्मेदार ठहराने से पहले खुद की जिम्मेदारी समझिये और कोविड-19 गाइडलाइन का पालन किजियेे और अन्य लोगों को भी प्रेरित किजिये। आप रहेंगे स्वस्थ तभी देश होगा कोरोना से मुक्त।

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