लखनऊ। मुख्तार-अफजाल व सिबगतुल्लाह – पूर्वांचल में बाहुबली तीनों अंसारी भाई तीन अलग-अलग पार्टियों का हिस्सा बन गए हैं। मुख्तार अंसारी, अफजाल अंसारी और सिबगतुल्लाह सियासी रूप से अलग-अलग खेमे में आ सकते हैं। लेकिन, इसका मतलब यह नहीं है कि तीनों के बीच कुछ दरार जैसे मसले हैं। हालांकि, कुछ महीने पहले तीनों ही भाईयों समेत पूरा परिवार बसपा में था। जहां पर मुख्तार अंसारी मऊ की सदर सीट से विधायक थे तो वहीं अफजाल अंसारी गाजीपुर से सांसद हैं। इस बीच बसपा में उनकी पूछ कम हुई तो गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से 2017 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले सिबगतुल्लाह अंसारी कुछ महीने पहले सपा में शामिल हो गए।
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वहीं मुख्तार अंसारी को मायावती ने टिकट नहीं देने का ऐलान कर दिया। जिसके बाद उन्हें भी बसपा से बाहर मान लिया गया। हालांकि, अभी तक मुख्तार अंसारी के किसी पार्टी में शामिल होने का ऑफिशियल ऐलान नहीं आया है। इस बीच दावा किया जा रहा है कि अखिलेश यादव भी मुख्तार अंसारी को पार्टी में लेने से कतरा रहे हैं। क्योंकि भाजपा समेत दूसरे दल उन पर हमलावर हो सकते हैं। ऐसे में अंदरखाने यह दावा किया जाने लगा है कि मुख्तार अंसारी ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी का हिस्सा हो सकते हैं। वहीं दूसरी ओर एक और भाई अफजाल अंसारी चूंकि बसपा से सांसद हैं और पार्टी छोड़ने पर दलबदल अधिनियम के तहत उनकी सांसदी जा सकती है। इसलिए वो बसपा में ही बने रहेंगे। ऐसे में देखा जाए तो तीनों भाई पहली बार तीन-तीन अलग-अगल दलों में हैं।
सबसे बड़े भाई ने सपा से किया नामांकन
इस बीच शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के सिंबल पर गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट से अंसारी भाईयों में सबसे बड़े सिबगतुल्लाह अंसारी ने नामांकन किया। उनके साथ सुभासपा के भी कार्यकर्ता मौजूद रहे। इस सीट से सिबगतुल्लाह को पिछली बार भाजपा की अलका राय ने हराया था। हालांकि, वह यहां से विधायक भी रहे हैं।
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बेटे तैयारियों में जुटे
वहीं दूसरी ओर बांदा जेल में बंद बाहुबली मुख्तार अंसारी के दोनों बेटे अब्बास अंसारी और उमर अंसारी चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। गौरतलब है कि अब्बास अंसारी को 2017 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने मऊ की घोसी सीट से टिकट दिया था। जहां पर उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इस बार उनको टिकट देने को लेकर सपा में उथलपुथल मची हुई है। वहीं मऊ की सदर सीट से मुख्तार अंसारी की चुनावी तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है। सूत्रों का दावा है कि इस बार मुख्तार को ओमप्रकाश राजभर की पार्टी से टिकट दिया जा सकता है।

