बागेश्वर। पीएसी में तैनात जवान गोविंद का पार्थिव शरीर उनके पैत्रिक गांव बैजनाथ (village Baijnath) देर शाम को पहुंचा। जहां पर पहले राजकीय सैन्य सम्मान के साथ उनको पहले श्रद्धांजलि दी गई। उसके बाद राजकीय सम्मान के साथ समाधि दे दी गई। इस दौरान गांव में माहौल काफी गमगीन हो गया। गांव के हर व्यक्ति की आंखों में आंसू थे। ग्रामीणों का कहना था कि गोविंद बहुत ही मिलनसाथ व्यक्ति था। वह गांव में हर किसी की मदद के लिए तैयार रहता था। गोविंद 46 वीं वाहिनी पीएसी में काशीपुर में तैनात थे। बताया जाता है कि गोविंद गिरि पुत्र किशन गिरि बाइक से जब काशीपुर जा रहे थे उस दौरान एक ट्रक चालक ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी थी जिसके बाद उनकी मौत हो गई थी।
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उनके पार्थिव शरीर को पैतृक गांव बैजनाथ भेजने की तैयारी 46 वीं वाहिनी पीएसी की ओर से की गई थी। जवान का पार्थिव शरीर देर शाम बैजनाथ (Baijnath) पहुंचा तो पूरा गांव गमगीन हो उठा। गोविंद अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को रोता बिलखता छोड़ गए। गोविंद के पार्थिव शरीर को गोमती नदी के तट पर राजकीय सैन्य सम्मान के साथ समाधि दे दी गई। जहां पर सीओ अंकित कंडारी के साथ थानाध्यक्ष कैलाश बिष्ट और पीएसी के अधिकारी,जवान मौजूद थे।

