लखनऊ। सहालग की शुरुआत 15 जनवरी से हो रही है। इस बीच कोविड की तीसरी लहर ने व्यापारियों की चिंता को बढ़ा दिया है। कोरोना से अब मौतों के भी मामले आने लगे हैं। इसको देखते हुए प्रशासन की ओर से पाबंदियां बढ़ाई जाने लगीं हैं। जिसका प्रभाव बाजार पर दिखाई देने लगा है। बाजार के विशेषज्ञों का दावा है कि फरवरी तक हालात और खराब हुए तो लखनऊ और आसपास के जिलों की 50 हजार से ज्यादा शादियां प्रभावित होंगी। इसका असर यह होगा कि पांच हजार करोड़ रूपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों के सामने यह लगातार तीन सालों से हो रहा है, जब सहालग के समय कोरोना की दस्तक से बाजार चौपट होता दिखाई दे रहा है। हालांकि कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिसको देखते हुए लोग शादियां स्थगित कर रहे हैं। होटल मालिकों का दावा है कि करीब 20 फीसदी शादियों की बुकिंग को कैंसिल कर दिया गया है। लखनऊ व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्रा ने कहा कि सहालग ही व्यापारियों के लिए त्यौहार होते हैं। यही वो समय होता है, जिसका इंतजार होता है। लेकिन पिछले तीन सालों से लगातार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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एक शादी यानी दर्जनों सेक्टर
कपड़ा कारोबारी उत्तम कपूर कहते हैं कि एक शादी से करीब बाजार के बीस सेगमेंट का जुड़ाव होता है। जिसमें कपड़ा, फर्नीचर, सराफा, होटल, खाना, बैंड-बाजा, लाइट एंड साउंड , इलेक्ट्रानिक, शादी कार्ड, टूर एंड ट्रैवल आदि सेगमेंट हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ से करीब 20 जिलों में माल जाता है। इससे यहां के कारोबार जुड़े हुए हैं।
लगातार तीसरी बार सहालग में कोरोना का ब्रेक
अमीनाबाद में शादी के कार्ड का व्यवसाय करने वाले मोइन खान ने बताया कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद बाजार ने रफ्तार पकड़नी शुरू की थी कि अब तीसरी लहर आ गई है। ऐसे में अब शादियों में मेहमानों की लिमिट तय कर दी गई है। ऐसे में खास रिश्तेदारों को ही लोग बुलाते हैं। उसके लिए डिजिटल कार्ड छपवाकर वॉट्सएप से न्यौता भेज देते हैं। लोग कार्ड छपवाने से बचते हैं। उन्होंने बताया कि लखनऊ में पूर्वांचल तक से लोग कार्ड छपवाने आते हैं, लेकिन इस बार रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है।
सराफा कारोबारी पस्त
सहालग में सबसे ज्यादा सराफ कारोबार चमकता है। लखनऊ में हर दिन करीब 300 किलो सोने का काम होता है। सहालग में डिमांड खूब बढ़ जाती है। मगर सराफा कारोबारी राहुल गुप्ता कहते हैं कि इस बार का माहौल जम नहीं रहा है। शादियां कैंसिल होने लगीं हैं। इसका असर अभी से दिखाई दे रहा है।
होटल और गेस्ट हाउस मालिकों चेहरे की रौनक गायब
शादियों से सबसे गुलजार होटल और गेस्ट हाउस आदि होते हैं। लखनऊ होटल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राकेश छाबड़ा पम्मी ने बताया कि शादियों की तारीखों को लोग स्थगित करने आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि संख्या कम किये जाने से पहले ही नुकसान हो रहा था अब यह और बढ़ गया है।
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यह हैं सहालग की प्रमुख तारीखें
जनवरी : 22, 23, 24 व 25
फरवरी : पांच, छह, सात, नौ, 10, 11, 12, 18, 19, 20 व 22
हर सेगमेंट में इतना पड़ेगा असर
सराफा – 500 करोड़
ऑटो – मोबाइल – 1000 करोड़
होटल और गेस्ट हाउस – 1000 करोड़
मिठाई – 100 करोड़
इलेक्ट्रानिक – 500 करोड़
फर्नीचर – 500 करोड़
कपड़ा – 500 करोड़
सजावट – 200 करोड़
बर्तन – 200 करोड़
अन्य – 500 करोड़ रुपये

