भारतीय रिजर्व बैंक ने बनारस मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक, वाराणसी का लाइसेंस उसकी खराब होती वित्तीय स्थिति के चलते रद्द कर दिया है। लाइसेंस रद्द करते हुए RBI ने कहा कि उत्तर प्रदेश के सहकारी आयुक्त और सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार को बैंक को बंद करने और परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया गया है।
खबर के मुताबिक देश के केंद्रीय बैंक ने कहा कि बैंक द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 99.98 प्रतिशत जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (DICGC) से अपनी पूरी जमा राशि पाने के हकदार हैं। परिसमापन होने पर प्रत्येक जमाकर्ता DICGC से अपनी जमा राशि पर 5 लाख रुपये तक की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। आरबीआई ने कहा कि सहकारी बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। इसका जारी रहना इसके जमाकर्ताओं के हित में नहीं है।
रिजर्व बैंक ने कहा कि अपनी मौजूदा वित्तीय स्थिति के कारण बैंक अपने जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा। डीआईसीजीसी ने 30 अप्रैल तक बैंक के संबंधित जमाकर्ताओं से प्राप्त इच्छाओं के आधार पर डीआईसीजीसी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कुल बीमित जमाराशियों में से 4.25 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने जून 2024 में उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में स्थित पूर्वांचल सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था।

