हरिद्वार। राजकोट में स्वामी रूद्रानंद गिरि (Swami Rudranand Giri) की हत्या के बाद हरिद्वार में संत समाज के बीच हलचल मची हुई है। हत्याकांड के तार हरिद्वार तक जोड़कर देखे जा रहे हैं। इस मामले में गुजरात की राजकोट पुलिस ने हरिद्वार के दो संतों को रडार पर ले लिया है। इन दो संतों से पूछताछ के लिए गुजरात पुलिस जल्द ही हरिद्वार आने वाली है। जो संत रूद्रानंद गिरी हत्याकांड में गुजरात पुलिस की जांच के दायरे में आए हैं। उनमें मुख्य रूप से एक अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर के अलावा हरिद्वार के अन्य संत भी शामिल हैं। स्द्रानंद गिरी की हत्या के बाद से हरिद्वार के अखाड़ों और उनके मठाधीशों के साथ ही धार्मिक संपत्ति में साझीदार सफेदपोश भू-माफियाओं की नींद उड़ी है। बताया जाता है कि स्वामी रूद्रानंद गिरी की हत्या का मामला करोड़ों रुपये की बेशकीमती संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़ा हुआ है।
बता दें कि स्वामी रूद्रानंद गिरी (Swami Rudranand Giri) ने अपनी हत्या से पहले गुजरात और हरिद्वार में विभिन्न धार्मिक संपत्तियों को हरिद्वार के बड़े संतों द्वारा फर्जी तरीके से बेचे जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने इसकी शिकायत करते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की थी। इस मामले में हरिद्वार के एक बहुत बड़े संत पर भी उन्होंने फर्जी तरीके से कागजात बनाकर उस पर सीधा अधिकार कर बेंचने का आरोप लगाया था। ऐसे में उनकी हत्या की आशंका जताई जा रही थी। अब इस मामले में शक की सुई इन सभी आरोपी संतों की ओर घूमी है। बताया जाता है कि गत कुछ माह के भीतर ही करोड़ों की धार्मिक संपत्तियों को फर्जी तरीकेे से बेचा जा चुका है। स्वामी परमेश्वरानंद गिरि के शिष्य स्वामी रूद्रानंद गिरि की लाश गत 4 मार्च को राजकोट (गुजरात) के पास जैतपुर नामक स्थान पर मिली थी।

