Gyanvapi Survey वाराणसी। इस समय देश और दुनिया में ज्ञानवापी सर्वे मुददा छाया हुआ है। सभी की निगाहें कोर्ट और मीडिया खबरों की ओर हैं। लेकिन ज्ञानवापी को इतना महत्व देने और कोर्ट द्वारा सर्वे कराने के आदेश में सबसे बड़ी भूमिका के पीछे वो पांच महिलाएं हैं जिन्होंने याचिका दायर की और इन्हीं पाचों की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानवापी में सर्वे का कार्य करवाया। आइए बताते हैं इन पांच महिलाओं के बारे में।
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1 :— लक्ष्मी देवी :
याचिकाकर्ता लक्ष्मी देवी वाराणसी महानगर के महमूरगंज मोहल्ले में रहती हैं। इनके पति का नाम डॉ0 सोहन लाल आर्य है। जिन्होंने वर्ष 1996 में वाराणसी की अदालत में पहले भी एक केस दाखिल किया था। उस केस के आधार पर एडवोकेट कमिश्नर के निरीक्षण का आदेश हुआ था। लक्ष्मी देवी का कहना है कि मां श्रृंगार गौरी का मुद्दा महिलाओं का मुद्दा है।
2 2:- राखी सिंह
राखी सिंह राजधानी दिल्ली के हौजखास इलाके की रहने वाली हैं। वहीं प्रदेश की राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में उनका एक और पता है। इनके पति का नाम इंद्रजीत सिंह है। सुप्रीम कोर्ट के दस्तावेजों में मुकदमे को ‘राखी सिंह और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश सरकार’ के नाम से फाइल किया है।
3 :— मंजू व्यास
मंजू व्यास वाराणसी के रामधर इलाके की रहने वाली हैं। इनके पति का नाम विक्रम व्यास है। मंजू का कहना है कि रोजाना मां श्रृंगार गौरी के दर्शन करने की अनुमति जरूरी है। हमें वहां जाने नहीं दिया जाता। महिलाएं चौखट के दर्शन करके वापस लौट जाती हैं।
4 :- सीता साहू
सीता साहू इसी जिले के चेतगंज की रहने वाली महिला हैं। इनके पति बाल गोपाल साहू हैं। सीता साहू का कहना है कि मां श्रृंगार गौरी का मंदिर ज्ञानवापी परिसर के अंदर है। जहां पर महिलाओं केा पूजा करने की अनुमति है वहां एक चबूतरा मात्र है। परिसर के भीतर जाकर दर्शन करने की किसी को अनुमति नहीं।
5 :- रेखा पाठक
पांचवीं याचिकाकर्ता महिला का नाम रेखा पाठक है। इनके पति का नाम अतुल पाठक है। यह वाराणसी के हनुमान फाटक मोहल्ले के रहने वाले हैं। रेखा पाठक का कहना है कि हम सिर्फ सच को सामने लाने के लिए लड़ रहे हैं। रेखा पाठक का कहना है कि हम मंदिर में मिलते हैं। सत्संग के दौरान हम सभी पांचों महिलाएं आपस में दोस्त बन गई। जिसके बाद तय हुआ कि ऐसा काम किया जाये कि मां श्रृंगार गौरी का मंदिर खुल जाए। इसमें महिलाएं नियमित तौर पर दर्शन और पूजा करेंं

