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भारत में लोकतंत्र की लड़ाई हमारा अंदरूनी मामला: राहुल गाँधी

rahul gandhi

अमरीका के तीन दिवसीय दौरे के आखरी दिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने वाशिंगटन डीसी में नेशनल प्रेस क्लब में बोलते हुए कहा कि हमारी पार्टी राजनीतिक रूप से भारत जोड़ो यात्रा और न्याय यात्रा करने के लिए मजबूर थी, क्योंकि लोकतंत्र में सामान्य रूप से काम करने वाले सभी साधन काम नहीं कर रहे थे।

राहुल गाँधी ने कहा, भारत में लोकतंत्र की लड़ाई पूरी तरह से भारतीय है और किसी बाहरी व्यक्ति का इससे कोई लेना-देना नहीं है। यह हमारा देश है और हम इसका ख्याल रखेंगे। राहुल ने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि देश में लोकतंत्र ठीक से काम करे।

उन्होंने कहा कि हमने लोकतंत्र की लड़ाई लड़ी है। यह समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र अपनी आबादी और आकार के कारण दुनिया के अन्य लोकतंत्रों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है। जब भी दुनिया में लोकतंत्र की बात होगी, भारत के लोकतंत्र का एक ख़ास स्थान होगा। राहुल गांधी ने आगे कहा कि हमें यह समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया के अन्य लोकतंत्रों से ज़्यादा महत्वपूर्ण है। लोकतंत्र न केवल भारत के लिए बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संपत्ति है।

राहुल गाँधी ने कहा कि मुझे लगता है कि 2014 में भारत की राजनीति बदल गई। हम राजनीति के ऐसे दौर में प्रवेश कर गए, जो हमने पहले कभी नहीं देखा था। आक्रामक, हमारे लोकतांत्रिक ढांचे की नींव पर हमला जिसने व्यक्तिगत रूप से मुझे बदल दिया। उन्होंने कहा कि मैंने 2014 से पहले कभी नहीं सोचा था कि मैं कन्याकुमारी से कश्मीर तक पैदल चलने के विचार करूंगा। लेकिन, हमारे देश में विपक्ष के लिए यही एकमात्र रास्ता बचा था।

इससे पहले जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में अपने संबोधन में राहुल गांधी ने बीजेपी और मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भारत में कुछ बदलाव होने वाला है। लोगों ने कहा कि वे अब डरे हुए नहीं हैं। मेरे लिए यह दिलचस्प है कि भाजपा और प्रधानमंत्री मोदी ने इतना डर ​​फैलाया लेकिन कुछ ही सेकंड में सब कुछ गायब हो गया।

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