- मेगा ड्राइव आयोजित कर पूरे किए जा रहे लक्ष्य
- लक्ष्य पूरे करने के लिए स्वास्थ्य विभाग कर रहा जद्दोजहद
कोरोना वायरस संक्रमण की संभावित तीसरी लहर को लेकर एक्सपर्ट्स लगातार अलर्ट जारी कर रहे हैं। ऐसे में वायरस से बचने के लिये कारगर माने जा रहे कोरोना रोधी टीकाकरण को भी अब रफ्तार मिलनी शुरू हो गयी है। बीते कुछ दिनों में डेली वैक्सीनेशन के आंकड़ों में फ़िर से तेजी आई है। यूपी में मेरठ समेत कई जिलों में बेहतर रिजल्ट सामने आ रहे हैं।
लगातर जारी हो रही चेतावनी
हाल ही में नीति आयोग ने भी कोरोना की तीसरी लहर को लेकर चेतावनी जारी की है। संभावनाएं जताई गई हैं की सितंबर- अक्टूबर में तीसरी लहर पीक पर जा सकती है। पहली दो लहरों से सबक लेते हुए स्वास्थ्य विभाग इससे बचाव की हर संभव कोशिशों में जुटा हुआ है। बेड, वेंटिलेटर समेत अन्य सुविधाओं को बढ़ाने के लिये बहुत तेज गति से काम किया जा रहा है। यूपी में 3 टी यानी टेस्टिंग, ट्रेसिंग व ट्रीटमेंट के इंतजामों को हर स्तर पर सरकार पुख्ता कर रही है।
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यह है आंकड़े
मौजूदा वक्त में तमाम जनपदों में कोविड-19 सर को लेकर मेगा ड्राइव चला रही है। मेरठ जनपद की बात करें तो बीते 4 दिन में ही यहां 40 हजार से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। आंकड़ों की बात करें तो 26 अगस्त को 13600 लोगों को वैक्सीन लगी। जबकि 25 अगस्त को 16351 लोगों को, 24 अगस्त को 16137 लोगों को और 23 अगस्त को 20732 लोगों को वैक्सीन दी गई। जबकि इससे पहले के आंकड़ों पर गौर करें तो 27 जुलाई को सिर्फ 12213 लोगों को वैक्सीन लगाई गई थी। 29 जुलाई को 14072 लोगों को वैक्सीन लगी, वही 30 जुलाई को 12414 लोगों को टीका लगा। आंकड़े बताते हैं की तीसरी लहर के खौफ़ के चलते वैक्सीन की उपलब्धता के साथ ही टीकाकरण को भी बढ़ाया जा रहा है।
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मेगा अभियान दे रहा तेजी
अधिक से अधिक लोगों को समय रहते वैक्सीनेट किया जा सके इसके लिए शासन के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग लगातार में मेगा ड्राइव आयोजित कर रहा है। अगस्त महीने में ही दो से तीन बार ड्राइव आयोजित किए जा चुके हैं जिसमें मेरठ जनपद में एक दिन में 40 से 65000 लोगों को वैक्सीनेट किया जा रहा है। अन्य जिलों में भी यही स्थिति है।तेजी से वैक्सीनेशन टारगेट को पूरा करने के प्रयास चल रहे हैं। स्वास्थ विभाग के अधिकारियों के अनुसार टारगेट पूरा करने के लिए ड्राइव मददगार साबित हो रही है। हालांकि इन्हें आयोजित करने में मैन पावर व संसाधन अधिक लगते हैं फिर भी विभाग इन्हें सुचारू रूप से चलाने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। उत्तरप्रदेश में अभी करोड़ों लोगों को वैक्सीन की पहली डोज़ मिलनी बाकी है।

