- मेरठवासियों ने शांति के साथ स्वीकार किया बाबरी विध्वंस का फैसला
- चप्पे -चप्पे पर रही निगेहबानी, सड़कों पर उतरे अधिकारी
सुनील शर्मा
मेरठ। बाबरी मस्जिद को तोड़े जाने के मामले में आज कोर्ट का फैसला आना था। आशंकाओं के चलते मेरठ के कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी थी। पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी सड़कों पर रहे तो संवेदनशील स्थानों पर आरएएफ को भी तैनात किया गया था। मगर आशंकाएं निर्मूल साबित हुई और मेरठ के लोगों ने शांति के साथ फैसला सुना और स्वीकार भी किया।
आज बाबरी मस्जिद को लेकर आने वाले फैसले के मद्देनजर मेरठ के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक और मंथन के बाद सुरक्षा व्यवस्था को प्लान किया था। एडीजी राजीव सब्बरवाल ने मेरठ जोन में कड़ी व्यवस्था के निर्देश जारी किये थे और पूरे दिन वह जोन पर निगाहें रखे हुए थे। वहीं एडीजी राजीव सब्बरवाल, कमिश्नर अनीता सी मेश्राम आईजी प्रवीण कुमार, डीएम बालाजी और एसएसपी अजय साहनी फोर्स के साथ बेगमपुल चैकी पर मौजूद रहे। एसपी सिटी और एडीएम सिटी शहर का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते रहे। संवेदनशील स्थानों पर आरएएफ को भी तैनात किया गया था।
मगर आशंकाओं को दरकिनार कर मेरठ के लोगों ने फैसले को स्वीकार किया। अयोध्या मामले में फैसले को भी महानगरवासियों ने शांति के साथ स्वीकार किया था। अब माना जा रहा है कि पूर्व में दंगों के लिये बदनाम मेरठ का चेहरा अब बदल चुका है। वह कानूनी मुद्दों को कोर्ट में ही उठाने और आपसी विवाद से परहेज करने की ठान चुके हैं। ऐसे में मेरठ आने वाले समय में विकास का नया चेहरा बनने की संभावनाएं प्रबल हो रही हैं।
आसपास के जिलों में भी रहा अलर्ट
फैसले के मद्देनजर सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बागपत, बिजनौर और शामली में भी हाईअलर्ट जारी किया गया था। इन शहरों के कोने-कोने पर पुलिस की सख्त निगाह रहीं। खबर लिखे जाने तक किसी स्थान से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है।

