पारुल सिंघल
दीवाली से पहले ही जश्न में डूबा परिवार, बच्चों ने निकाला रोड शो
इंसान के जीवन में कोई छोटी सी बात या जानकारी उसके जीवन की दिशा कैसे बदल सकती है इसका जीता जागता उदाहरण मेरठ के शुभम अग्रवाल हैं। नीट यूजी 2021 परीक्षा में ऑल इंडिया 5 वी रैंक हासिल करने वाले मेरठ के शुभम अग्रवाल ने न केवल अपने माता-पिता का बल्कि पूरे मेरठ जिले का नाम दीवाली से पहले ही रोशन कर दिया है। शुभम न्यूरो सर्जन बनना चाहते हैं। अपने इसी सपने को साकार करने के लिए उन्होंने नीट जैसी कठिन परीक्षा को पहले ही प्रयास में पास कर लिया। इस लक्ष्य को हासिल करने के पीछे शुभम अग्रवाल की एक अनूठी लेकिन दिलचस्प कहानी छिपी हुई है।
मस्तिष्क के बारे में आठवीं क्लास में ही जाग उठी थी जिज्ञासा
शुभम बताते हैं कि जब वह आठवीं क्लास में थे। तब एक दिन बायोलॉजी की क्लास लेते हुए उनके टीचर ने ह्यूमन ब्रेन के बारे में बताया। शुभम इस क्लास में पूरा फोकस बनाए हुए थे। टीचर ने बताया कि कैसे ह्यूमन ब्रेन ने होमोसेपियंस को धरती पर सबसे सफल प्रजाति बना दिया। ये जानकर शुभम चौक गए और ये बात उनके दिमाग में पूरी तरह बैठ गयी। इसके बाद से ही ह्यूमन ब्रेन में उनकी दिलचस्पी बढ़ गयी और वह ब्रेन के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाने में जुट गए। इस टॉपिक पर उन्होंने कई बुक्स और आर्टिकल पढ़ डाले, लेकिन उनकी ह्यूमन ब्रेन को जानने की भूख यहीं खत्म नहीं हुई। उनकी इसी भूख ने उन्हें न्यूरो सर्जन बनने का सपना दिखाया और इसी सपने को साकार करने के लिए शुभम ने जी तोड़ मेहनत की और नीट परीक्षा में 715 अंक हासिल कर सफलता की इबारत लिख डाली।

पढ़ाई पर किया फोकस
नीट यूजी 2021 परीक्षा क्रैक करने वाले टॉप 5 टॉपर्स में पहली बार मेरठ जिले का नाम दर्ज हुआ है। यह रिकॉर्ड बनाने वाले शुभम अग्रवाल बताते हैं कि उन्होंने इस सफलता के लिए काफी मेहनत की। मेधावियों की सूची में अपना नाम शामिल कराने वाले शुभम हर दिन 6 से 8 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करते थे। कभी-कभी 10-10 घंटे भी उन्होंने अपनी पढ़ाई को दिए। शुभम ने फिजिक्स में 180 में से 175, बायोलॉजी में 360 वैसे 360, जबकि केमिस्ट्री में 180 में से पूरे एक 180 अंक हासिल किए। वे बताते हैं कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि इतनी अच्छी रैंक हासिल होगी। लेकिन परीक्षा पास करने के लिए उन्होंने काफी मेहनत की थी। दसवीं क्लास में उन्होंने आकाश इंस्टीट्यूट ज्वाइन किया। इंस्टीट्यूट के मैनेजिंग डायरेक्टर आकाश चौधरी ने शुभम की इस उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी और कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि शुभम ने अपने नीट के साथ न्यूरो सर्जन बनने के सपने को साकार करने की दिशा में भी सफलता हासिल की है। मंगलवार को शुभम व उनके परिजनों ने आकाश इंस्टिट्यूट पहुंचकर मिठाईयां बांटी और उनके दोस्तों ने जमकर डांस भी किया। शुभम की सफलता को सेलिब्रेट करने के लिए रोड शो भी निकाला गया।
डॉक्टरी से है पुराना नाता
डॉक्टर से शुभम का नाता नया नहीं है। उनके दादाजी बड़े आयुर्वैदिक वैद्य थे। जबकि उनके पिता विपिन कुमार मेडिकल स्टोर संचालक है। शुभम की मां सारिका हाउसवाइफ है। शुभम की सफलता पर सभी लोग बेहद खुश हैं। अपने आगे की पढ़ाई के लिए शुभम दिल्ली एम्स मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर अपने सपने को साकार करने की दिशा में प्रयास करेंगे।

