उत्तरकाशी। अक्षय तृतीया के दिन प्रसिद्ध चार धाम यात्रा की शुरुआत हो गई है। गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट खुलने के साथ ही यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो माना जाता है। मंगलवार को 11:15 पर मां गंगोत्री के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। वही यमुनोत्री धाम के कपाट 12:15 पर खोले गए। आर्मी बैंड की मनमोहक धुनों और मां गंगा के उद्घोष के नारों के बीच माँ गंगा की उत्सव डोली भैरोघाटी के भैरो मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार को धाम के लिए रवाना हुई। करीब 11 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री धाम के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए पूरे विधि विधान से खोल दिये गए है।
माँ यमुना की डोली मंगलवार की सुबह अपने धाम के लिए रवाना हुई। माँ की डोली को उनके भाई शनिदेव समेश्वर देवता की डोली भी विदा करने के लिए निकली। यमुनोत्री धाम पर डोली के पह पहुंचने के बाद 12 बजकर 15 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिये गए।
गंगोत्री कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी अपनी पत्नी गीता धामी के साथ मौजूद रहे। उन्होंने मंदिर में पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की। साथ ही उन्होंने प्रदेश की खुशहाली के लिए भी माँ गंगा से प्राथना की। सीएम धामी ने यमुनोत्री के कपाट खुलने पर वर्चुअल रूप में अपनी हाजिरी लगाई। उन्होंने कहा कि इस बार की यात्रा ऐतिहासिक होने जा रही है जिसमे यात्रा के सभी रेकॉर्ड टूट जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ने यात्रियों की यात्रा को सुगम बनाने के लिए अपने सभी प्रयास किये है।
आपको बता दे कि 6 मई को बाबा केदारनाथ के कपाट भक्तों के क्लियर खोले जाएंगे जबकि 8 मई को भगवान बद्रीविशाल के कपाट खुलेंगे। राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा पर आने वाले यात्रियों के लिए कोविड के प्रतिबंधों में छूट दी है।
