बिजनौर। एनआईए डिप्टी एसपी तंजील हत्याकांड के आरोपी मुनीर को अदालत ने सुनाई फांसी की सजा सुनाई है। एसपी तंजली पठानकोट आतंकी हमले की जांच का हिस्सा थे। इस मामले में कोर्ट ने तीन आरोपियों को सबूतों के आभाव में छोड़ दिया। एनआईए के डिप्टी एसपी तंजील अहमद और उनकी पत्नी फरजाना की हत्या के मामले में हत्यारोपी मुनीर और उसके सहयोगी रैय्यान को बिजनौर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने दोषी पाया।
Also Read : Rajiv Gandhi assassination convict: राजीव गांधी हत्याकांड के एक दोषी एजी पेरारिवलन की रिहाई के आदेश
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के डिप्टी एसपी तंजील अहमद उनकी पत्नी फरजाना के हत्यारोपी मुनीर और रैयान को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। फांसी की सजा के साथ ही सिद्धदोष हत्याभियुक्तों पर एक लाख रुपये का जुर्माने लगाया है। एक-दो अप्रैल 2016 की रात एनआइए डिप्टी एसपी तंजील अहमद अपनी पत्नी फरजाना के साथ स्योहारा में एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। इस दौरान आरोपी मुनीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर दोनों पर गोलियां बरसा दी थी। हमले में एनआइए अधिकारी तंजील अहमद की मौके पर ही मौत हो गई थी। एनआईए अधिकारी तंजील की पत्नी फरजाना की दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
हत्याकांड की विवेचना के दौरान पता चला कि रुपयों लेनदेन को लेकर हत्यारोपी मुनीर का एनआईए अफसर तंजील के साथ विवाद था। मुनीर को संदेह था कि एनआईए अफसर उसकी मुखबिरी कर रहे हैं। इसी को लेकर मुनीर ने अपने साथियों के साथ मिलकर एनआईए अधिकारी तंजील और उसकी पत्नी की हत्या कर दी थी। इस मामले में शुक्रवार को बिजनौर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।
Also Read : MP Crime News Today: मध्य प्रदेश में भंवरलाल जैन को मुसलमान समझकर कर पीट पीटकर मार डाला
बिजनौर के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पंचम डा. विजय कुमार तालियान ने मुख्य आरोपी मुनीर और रैयान को हत्या में दोषी पाया। जिस पर आज शनिवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी तंजीम, रिजवान और मोहम्मद जैनी को बरी कर दिया। जबकि हत्याकांड में सिद्धदोष पाए जाने पर मुनीर और रैयान को फांसी की सजा सुनाई।
