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डांस की मलिका और माधुरी को धक-धक गाने पर डांस कराने वाली कोरियोग्राफर सरोज खान नहीं रहीं


डांस की मलिका और माधुरी को धक-धक गाने पर डांस कराने वाली कोरियोग्राफर सरोज खान नहीं रहीं

सरोज खान को रात करीब 1.51 पर हार्ट अटैक आया और करीब 1.52 मिनट पर डेथ हुई

2020 में बॉलीवुड इंडस्ट्री को सदमे लग रहे हैं. अब फिल्म जगत की मशहूर कोरियोग्राफर और डांस की मलिका कही जाने वाली सरोज खान का कार्डियक अरेस्ट के चलते मुंबई में निधन हो गया. वे बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं, उन्हें बांद्रा स्थित एक हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. देर रात उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और शुक्रवार को उनका निधन हो गया. उनके शव को रात में ही बांद्रा के अस्पताल में परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया. सरोज खान की बेटी सुकैना ने बताया कि सुबह सात बजे के करीब मलाड के कब्रिस्तान में सरोज खान को सुपुर्द-ए-खाक किया गया.उनके प्रति शोक प्रकट करने के लिए प्रार्थना सभा तीन दिन बाद होगी.

कोविड-19 का टेस्ट नेगेटिव आया
उनका कोविड-19 टेस्ट निगेटिव आया है. वे 71 साल की थीं.उनकी मौत के बाद गम में डूबा बॉलीवुड भी उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं. अक्षय कुमार से लेकर महानायक अमिताभ बच्चन ने सरोज खान को सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि दी है. अक्षय कुमार ने उन्हें याद करते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि वो बॉलीवुड को अपनी उंगलियों पर नचाना जानती थी. अमिताभ बच्चन ने सुबह सुबह सरोज खान जी को याद करते हुए लिखा, ‘हाथ जुड़े हैं मन उदास है.’ साथ ही अमिताभ बच्चन ने एक तस्वीर साझा की है जिसमें अंधेरे में रोशनी की एक किरण आती दिखाई दे रही है.

डान्स की मल्लिका #सरोजखान जी अलविदा।आपने कलाकारों को ही नहीं बल्कि पूरे हिन्दुस्तान को बहुत ख़ूबसूरती से सिखाया कि “इन्सान शरीर से नहीं, दिल और आत्मा से नाचता है”।आपके जाने से नृत्य की एक लय डगमगा जाएगी। मैं पर्सनली ना सिर्फ़ आपको बल्कि आपकी मीठी डांट को भी बहुत मिस करूँगा।????????@AnupamPKher

असली नाम निर्मला नागपाल था

फिल्मों में आने से पहले वह बैकग्राउंड डांसर थीं. उन्होंने 1950 के दशक के मशहूर कोरियाग्राफर बी. सोहनलाल के साथ ट्रेनिंग ली थी और बाद में इन्हीं के साथ शादी कर ली. बी. सोहन लाल से सरोज से 30 साल बड़े थे. शादी के दौरान सरोज खान 13 साल की थी. इतना ही नहीं, शादी से पहले सरोज ने इस्लाम धर्म भी कबूल किया. उनका असली नाम निर्मला नागपाल था.सरोज खान की निजी जिंदगी की बात करें तो उनका जन्म 22 नवंबर 1948 में निरमला नागपाल के रूप में हुआ था. उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट अपने करियर की शुरुआत की थी. तीन साल की उम्र में उन्होंने बतौर चाइल्ड आर्टिस्ट काम शुरू किया था.

जीते कई अवॉर्ड

चार दशक के लंबे करियर में सरोज खान को 2,000 से ज्यादा गानों की कोरियोग्राफी करने का श्रेय हासिल है. सरोज खान को अपनी कोरियोग्राफी की कला के चलते 3 बार नेशनल अवॉर्ड मिल चुका था. संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास में डोला-रे-डोला गाने की कोरियोग्राफी के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था.माधुरी दीक्षित की फिल्म तेजाब के यादगार आइटम सॉन्ग एक-दो-तीन और साल 2007 में आई फिल्म जब वी मेट के सॉन्ग ये इश्क… के लिए भी उन्हें नेशनल अवॉर्ड मिला था.
सरोज खान ने आखिरी बार करण जौहर के प्रोडक्शन हाउस के तले बनी फिल्म कलंक में तबाह हो गए गाने गाने को कोरियोग्राफ किया था. इस गाने में माधुरी दीक्षित नजर आई थीं. यह फिल्म 2019 में रिलीज हुई थी.साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म ‘देवदास’ के सॉन्ग डोला रे डोल के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला. इसके अलावा साल 2006 में आई फिल्म ‘श्रीनगरम’ के सभी गानों और साल 2008 में आई ‘जब वी मेट’ के लिए यह इश्क हाए के लिए भी नेशनल अवार्ड मिला.

कास्टिंग काउच पर दिया था बयान
कोरियोग्राफी के साथ-साथ सरोज खान अपने बोल्ड स्टेटमेंट्स के चलते भी सुर्खियों में रहती थी. सरोज खान ने कास्टिंग काउच से लेकर कॉन्टेंपरेरी कोरियोग्राफर्स को लेकर अपनी राय सबके सामने रखी.सरोज खान फिल्म इंडस्ट्री में होने वाले कास्टिंग काउच को लेकर दिए अपने बयान के चलते सुर्खियों में आ गई थी. उन्होंने अपने बयान में कहा था कि फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच होता है लेकिन रेप नहीं होता. उन्होंने कहा था कि इस इंडस्ट्री में कोई भी आपसे जबरदस्ती नहीं करता, आप जो करते हैं अपनी मर्जी से करते हैं. हालांकि बाद में सरोज खान को अपने इस बयान के चलते काफी विरोध झेलना पड़ा था.

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