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Jammu Kashmir: कश्मीर के पहाड़ी समुदाय पर केंद्र मेहरबान, मिला ST का दर्जा

The Center is kind to the hill community of Kashmir, got ST status

ST status: 2019 में अनुच्छेद 370 के तहत कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद वहां पर अपने को राजनीतिक रूप से स्थापित करने की कवायद में जुटी केंद्र की भाजपा सरकार ने आज राज्य के पहाड़ी लोगों को ST का दर्जा देकर एक बड़ी चुनावी रणनीति चली है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राजौरी में घोषणा की कि गुर्जरों और बकरवाल्स के अतिरिक्त पहाड़ी समुदाय को अनुसूचित जनजाति दर्जा दिया जाता है और जल्द ही इस समुदाय को शिक्षा और नौकरियों में आरक्षण मिलेगा.

रैली में अमित शाह ने एलान कि LG द्वारा बनाये गए आयोग ने अपनी रिपोर्ट में गुर्जर, बकरवाल और पहाड़ी समुदायों के लिए रिजर्वेशन की सिफारिश की गई है जिसे सरकार ने स्वीकार कर लिया है और जल्द ही इसपर अमल दरामद शुरू हो जायेगा. अमित शाह ने दावा किया कि यह सब इसलिए संभव हो पाया कि राज्य से अनुच्छेद 370 को हटाया जा सका है. अनुच्छेद 370 हटाने से ही दलितों, आदिवासियों और पहाड़ी लोगों को अब उनका अधिकार मिलेगा. बता दें कि कश्मीर में हिन्दू समुदाय धार्मिक रूप से अल्पसंख्यक माने जाते हैं.

रैली से पहले गृह मंत्री अमित शाह ने सुबह कटरा में वैष्णो देवी मंदिर में पूजा-अर्चना की. उनके साथ जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह भी थे. अमित शाह की गृह मंत्री के रूप में वैष्णो देवी मंदिर में यह पहली यात्रा है. अमित शाह कल उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में एक भी एक रैली को संबोधित करेंगे. वहीँ पहाड़ी लोगों को एसटी का दर्जा मिलने के बाद भारत में किसी भाषाई समूह को रिज़र्वेशन देने का यह पहला उदाहरण होगा.

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