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लखीमपुर हिंसा के आरोपियों को नहीं मिली जमानत, जेल में ही मनेगी दीवाली


लखीमपुर हिंसा के आरोपियों को नहीं मिली जमानत, जेल में ही मनेगी दीवाली

लखीमपुर। बीती 3 अक्टूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई थी। इस हिंसा की जांच करते हुए गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र ‘टेनी’ के पुत्र और हिंसा के मुख्य आरोपी आशीष मिश्र समेत 13 लोगों को एसआईटी ने गिरफ्तार किया है। दूसरे पक्ष के दो लोगो को भी एसआइटी ने गिरफ्तार किया था। आज आशीष मिश्र, आशीष पाण्डेय व लवकुश राणा की जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। मगर अधिवक्ता की मौत पर शोक प्रस्ताव के चलते जिला जज की अदालत में सुनवाई न होने के कारण आरोपियों को जमानत नहीं मिल पायी। इस केस की अगली सुनवाई अब 15 नवंबर को होगी। यानी आरोपियों की दीवाली इस साल जेल में ही मनेगी।

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लखीमपुर हिंसा के मुख्य आरोपित गृह राज्य मंत्री के पुत्र आशीष मिश्र समेत सभी आरोपितों की जमानत याचिका पर सुनवाई न होने से आरोपियों को निराशा हुई है। लखीमपुर खीरी हिंसा में गिरफ्तार किये गये 15 आरोपियों में आशीष पांडे, लवकुश राणा, आशीष मिश्र , शेखर भारती, अंकित दास, लतीफ उर्फ काले , सुमित जयसवाल, नंदन सिंह, सत्य प्रकाश त्रिपाठी उर्फ सत्यम, शिशुपाल , मोहित त्रिवेदी, धर्मेंद्र कुमार, रिंकू राणा, गुरविंदर सिंह, विचित्र सिंह शामिल हैं। बुधवार को आशीष मिश्र, आशीष पाण्डेय व लवकुश राणा की जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी थी। आशीष मिस्र के अधिवक्ता अवधेश दुबे व अवधेश कुमार सिंह, अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता डीजीसी अरविंद त्रिपाठी, एसपीओ एसपी यादव भी अदालत समय से पहुंच गये थे। मगर अधिवक्ता की मौत पर शोक प्रस्ताव के चलते सुनवाई न हो सकी। जिला जज मुकेश मिश्र ने अगली सुनवाई 15 नवम्बर को करने के आदेश दिये हैं।

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