जम्मू। घाटी में टारगेट किलिंग की घटना में कमी नहीं आ रही है। 60 घंटे के भीतर एक बार फिर से आतंकियों ने टारगेट किलिंग की घटना को अंजाम दिया। सोमवार की देर रात दक्षिण कश्मीर के शोपियां में उत्तर प्रदेश निवासी दो श्रमिकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। दोनों की शिनाख्त यूपी के कन्नौज जिले के मुनीष अहमद और सागर अली के रूप में हुई। घटना के तुरंत बाद ही सुरक्षा बलों ने इलाके को घेरकर तलाशी अभियान चलाया। बताया जाता कि सुरक्षाबलों ने घटना से संबंधित एक हाइब्रिड आतंकी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने जानकारी दी है कि घर में सो रहे यूपी निवासी दोनों श्रमिकों पर आतंकियों ने पहले ग्रेनेड फेंका। इसके बाद ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया। इससे पहले शोपियां जिले में आतंकियों ने दो दिन पहले 15 अक्तूबर को कश्मीरी पंडित की गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिले के चौधरी गुंड इलाके में गत शनिवार को आतंकियों ने कश्मीरी पंडित पूरण कृष्ण भट को उस समय गोली मारी जब वह घर के बाहर बगीचे की ओर जा रहे थे। हमले को अंजाम देकर आतंकी फरार हो गए।
पूरण भट को अस्पताल ले जाया गया। लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही भट ने दम तोड़ दिया। जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और राजनीतिक दलों के नेताओं ने ऐसी घटनाओं की निंदा की है। पुलिस के एक अधिकारी ने जानकारी दी कि लक्षित हत्या की जिम्मेदारी आतंकवादी संगठन कश्मीर फ्रीडम फाइटर यानी केएफएफ ने ली है। बर्बरतापूर्ण हमले के बाद घाटी में एक बार फिर दहशत का माहौल है। कश्मीरी पंडितों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि हर बार कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया जा रहा है। सरकार सुरक्षा के कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है।
