आखिरकार आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक को विशेष NIA कोर्ट ने दोषी मान लिया, बस अब सजा का एलान करना बाकि है जो 25 मई को सुनाई जाएगी। यासीन मलिक पर आतंकवदियों की फंडिंग और देशद्रोह समेत सभी मामलों में दोषी माना गया है। इससे पहले अलगाववादी नेता ने इन आरोपों को स्वीकार भी कर लिया था। कोर्ट ने उसको आधार बनाकर उसे दोषी करार दिया है। अब 25 मैं को यासीन मलिक को कितनी सजा दी जाय इसपर फैसला होना है, इस मामलेमें मलिक को अधिकतम उम्र क़ैद की सजा हो सकती है।
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यासीन मालिक मलिक ने कोर्ट को बताया कि वह आतंकवादी गतिविधि में लिप्त था, आतंकवादी गतिविधियों के लिए वह पैसा जुटाने में मदद करता था। मलिक ने कहा था कि वजह खुद पर लगे आरोपों को चुनौती नहीं देना चाहता. यासीन मालिक के साथ अन्य आरोपियों में कई अन्य लोग भी शामिल हैं जिनमें कुख्यात बिट्टा कराटे, पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर, आरोपियों में यासीन मलिक के अलावा मामले में शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, पूर्व विधायक राशिद इंजीनियर, जहूर अहमद शाह वटाली, बिट्टा कराटे, शब्बीर शाह, मसर्रत आलम, पीर सैफुल्ला समेत कई कश्मीरी अलगाववादी शामिल हैं।
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16 मार्च को पटियाला हाउस कोर्ट की विशेष NIA कोर्ट ने कहा था कि दस्तावेजों के विश्लेषण और गवाहों के बयानों से ये पता चलता है कि सभी आरोपी अलगाव से जुड़ी गतिविधियों के लिए आपस में जुड़े हुए थे. अदालत ने कहा था कि ‘स्वतंत्रता संग्राम’ के नाम पर जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए यासीन मलिक ने धन जुटाने के मकसद से एक पूरा तंत्र स्थापित कर लिया था जो पूरी दुनिया में फैला हुआ है।
