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रोपड़ जेल में दस आईपीएस अधिकारी करते थे Mukhtar Ansari की देखभाल, मिलती थी पूरी वीआईपी सुविधा

लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी की तीमारदारी पंजाब की रोपड़ जेल में दस आईपीएस अधिकारी कर रहे थे। इनकी देखरेख में मुख्तार अंसारी वहां पर मजे की सजा काट रहा था। जेल में पत्नी से मिलवाना और वीआईपी इंतजाम करवाना इन्हीं अधिकारियों के जिम्मे था। प्रदेश में सरकार बदलने के बाद जेलमंत्री की रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ। जेल मंत्री ने अपनी रिपोर्ट सीएम भगवंत मान के पास भेज दी है। जिसमें इनका जिक्र किया गया है।  सरकार के सामने यह संकट है कि एक साथ इतने आईपीएस अधिकारियों पर कार्रवाई कैसे की जाए। सीएम ने जेल मंत्री की रिपोर्ट पर एक कमेटी का गठन कर दिया है। जिसमें तीन आईपीएस अधिकारियों की कमेटी बनाई गई है। जो अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद सरकार यह तय करेगी कि मामले में क्या कार्रवाई करें। 

मुख्यमंत्री को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि मुख्तार अंसारी केवल नाम के लिए जेल में बंद था। वह रोपड़ जेल में बने अफसर क्वार्टर में सुख-सुविधाओं के साथ रहता था। जहां पर उनकी पत्नी अंसारी के साथ रहती थी। जेल मंत्री हरजोत बैंस ने साफ किया कि इस मामले में कई बड़े चेहरे बेनकाब होंगे। मुख्तार अंसारी को जेल में बेहतरीन सुविधाएं देने के आरोप कैप्टन सरकार पर लगते रहे हैं। मुख्तार अंसारी पर मोहाली के बिल्डर से 10 करोड़ की रंगदारी मांगने का आरोप भी लगा था। पंजाब पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर मोहाली लेकर आई थी। गत 24 जनवरी 2019 को कोर्ट में पेश कर मुख्तार अंसारी को रोपड़ जेल में भेज दिया गया था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पिछले साल अप्रैल में मुख्तार अंसारी को पंजाब से उत्तर प्रदेश पुलिस ले गई। पंजाब विधानसभा के बजट सत्र के दौरान जेल मंत्री बैंस ने सदन में गैंगस्टर मुख्तार अंसारी को वीवीआईपी ट्रीटमेंट देने का मुद्दा उठाया था। जिसे लेकर सदन में कांग्रेस के सदस्यों ने हंगामा किया था। 

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पूर्व जेल मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने आरोप पर बैंस को सदन में चुनौती दी थी कि अंसारी की पत्नी जेल में रहती थी। मंत्री बैंस ने जांच के बाद सच बाहर आने का दावा किया था। बैंस ने सदन में खुलासा किया कि अंसारी को फर्जी एफआईआर दर्ज करके दो साल, तीन महीने तक पंजाब की जेल में रखा हुआ था । उसे प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए यूपी सरकार ने 26 बार कोशिश की लेकिन उसे सफलता नहीं मिली। पंजाब की कांग्रेस सरकार मुख्तार अंसारी को यूपी पुलिस और सरकार से बचाए रखा।

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