- आरएसएस प्रमुख ने कहा, देश में हिंदुओं को बांटने का काम किया जा रहा
नागपुर। देश में हिंदुओं को बांटने का काम किया जा रहा है। हिंदू समाज को काटने-बांटने के लिये कुछ लोग गठबंधन बनाकर इस लक्ष्य की पूर्ति में जुटे हैं। ऐसा प्रयास करने वाले भारत और इससे जुुड़ी चीजों की निंदा करते हैं। आरएसएस के मुखिया मोहन भागवत ने कहा कि विभाजन की टीस आज तक समाप्त नहीं हुई है। खोये हुए लोगों को वापस लाने और विभाजन को फिर से न दोहराने के लिये इतिहास को जानना आवश्यक है।
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विजयदशमी पर्व पर नागपुर में रेशमीबाग में वार्षिक विजयादशमी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भेद रहित और समता निहित समाज अखंडता की पहली शर्त होती है। एकता में सबसे बड़ी समस्या जातिगत विषमता है जिसे समाप्त करने के लिये अनेक प्रयास किये गये। गुरु तेग बहादुर का स्मरण करते हुए मोहन भागवत ने कहा उन्होंने भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिये सिर दे दिया मगर देश का सार नहीं दिया। हिंद की चादर कहलाये गुरु तेग बहादुर इस देश की आकाशगंगा के सूर्य समान हैं।
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आरएसएस प्रमुख ने कहा कि देश कें अनेक मंदिरों में लूट मची है और वहां की चल-अचल संपतियों को दुरुपयोग किया जा रहा है। जिन गैर हिंदुओं की हिंदू देवी-देवता में आस्था नहीं हैं वह भी मंदिरों की संपति का उपयोग करते हैं। जबकि हिंदुओं को इसका लाभ नहीं मिलता। हिंदू समाज द्वारा इन मंदिरों का प्रबंधन किये जाने पर विचार करने की आवश्यकता है।

