Site icon Buziness Bytes Hindi

टेलीकॉम कंपनियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली निराशा, AGR बकाया की समीक्षा के लिए क्यूरेटिव याचिका खारिज

supreme court

सुप्रीम कोर्ट ने समायोजित सकल राजस्व (AGR ) बकाया की पुनर्गणना के लिए दूरसंचार कंपनियों की याचिका खारिज कर दी है। भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया उन दूरसंचार कंपनियों में शामिल हैं जिन्होंने क्यूरेटिव याचिका दायर की है, जिसमें दूरसंचार विभाग द्वारा बकाया की गणना में गंभीर त्रुटि का आरोप लगाया गया है।

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के एक विश्लेषक ने बताया कि अगर वोडाफोन आइडिया की नियोजित ऋण वृद्धि नहीं होती है, तो इससे दूरसंचार कंपनी की पूंजीगत व्यय योजनाओं में देरी हो सकती है। संभावित राहत नहीं मिलने से कंपनी के लिए नकदी प्रवाह की स्थिति और मुश्किल हो सकती है। विश्लेषक ने कहा कि संभावित बाजार हिस्सेदारी लाभ के संबंध में भारती एयरटेल के लिए याचिका खारिज होना थोड़ा सकारात्मक रहा।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज में वोडाफोन आइडिया के शेयर में 10 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 11.61 रुपये पर निचले सर्किट में बंद हो गया। इंडस टावर्स का शेयर भी 10 प्रतिशत गिरकर 385.5 रुपये प्रति शेयर पर आ गया।

वोडाफोन आइडिया, जिसका एजीआर बोझ वित्त वर्ष 24 के अंत में बढ़कर 70,320 करोड़ रुपये हो गया, ने 15 जुलाई को सरकार को भुगतान पर अदालत के 2019 के फैसले के खिलाफ अपनी क्यूरेटिव याचिका की तत्काल सुनवाई की मांग की।

कर्ज में डूबी दूरसंचार कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ को बताया कि क्यूरेटिव याचिका सितंबर 2023 में दायर की गई थी, लेकिन तब से वीआई में पुनर्गठन हुआ है और कंपनी के समर्थक एजीआर मुद्दे को बंद करना चाहते हैं।

Exit mobile version