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तेजस्वी का ओजस्वी भाषण

tejaswi

अमित बिश्नोई
बिहार विधानसभा में आज फ्लोर टेस्ट तो नितीश सरकार ने जीत लिया लेकिन इस टेस्ट के लिए सदन में जो महफ़िल सजी थी उसे तेजस्वी ने जीता। शाहरुख़ खान की एक फिल्म का डायलॉग है “हार के जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं “. ये डायलॉग आज तेजस्वी पर पूरी तरह फिट नज़र आ रहा था. आज जिसने भी बिहार विधानसभा की कार्रवाई को देखा, उसने साफ़ तौर पर ये देखा होगा कि जब तेजस्वी नितीश कुमार को भिगो भिगो कर धो रहे थे तो नितीश बाबू किस तरह भीगी बिल्ली से नज़र आ रहे थे. एक तरफ तेजस्वी बार बार नितीश को मुखातिब करके उन्हें उनकी बातें याद दिला रहे थे, वहीँ दूसरी तरफ बिहार में नौवीं बार फ्लोर टेस्ट पास करने वाले मुख्यमंत्री लगातार नज़रें चुराते हुए नज़र आ रहे थे.

तेजस्वी ने आज हर मुद्दे पर सिर्फ नितीश को ही नहीं भाजपा को भी घेरा, मांझी पर भी बड़े आक्रामक और चुटीले अंदाज़ में हमला किया। तेजस्वी का नितीश से बार बार यही सवाल था कि बार बार पाला क्यों बदलते हो, हर बार ऐसी क्या मजबूरी आ जाती है. एक ही टर्म में तीन तीन बार शपथ लेकर तो आपने ऐसा कीर्तिमान स्थापित कर दिया जो आपके सिवा कोई तोड़ ही नहीं सकता। आपके पास अभी भी डेढ़ साल बचा है अपने इस रिकॉर्ड और बेहतर बनाने के लिए। इसी बात को लेकर तेजस्वी ने एक मंझे हुए नेता की तरह मोदी की गारंटी को भी समेट लिया। तेजस्वी ने सदन में बैठे भाजपा विधायकों से पूछा, आप लोग मोदी की गारंटी की बड़ी बड़ी बात करते हो, यह बताओं कि क्या मोदी जी इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि नितीश बाबू फिर पलटी नहीं मारेंगे।

तेजस्वी ने इस हमले से पूरे सदन को लाजवाब कर दिया। तेजस्वी ने नितीश को दशरथ समान पिता बताते हुए कहा कि उन्होंने राम को वनवास भेज दिया लेकिन ये मेरे लिए वनवास नहीं है, ये तो मेरे लिए जनता से जुड़ने और उनके साथ वास करने का समय है. तेजस्वी ने नीतीश को याद दिलाया कि जब पहली बार उन्होंने राजद से नाता तोडा तो कहा तुम पर केस है और फिर जब नाता जोड़ा तो कहा कि भाजपा तो सबको लड़वाता है, पार्टी तोड़ता है। अब क्या हुआ? इसबार तो कुछ बताया ही नहीं, सीधे जाकर इस्तीफ़ा और शपथ। नितीश पर कटाक्ष करते हुए तेजस्वी ने कहा कि इस्तीफ़ा देकर आपने क्या कहा था कि हमारा मन नहीं लग रहा है. तो क्या हम लोग नाचने गाने वाले हैं जो आपका मन बहलायेंगे। हम काम करने आये थे और 17 महीनों में वो काम कर दिए जो पिछले 17 सालों में नहीं हुए थे।

तेजस्वी ने नितीश को याद दिलाया कि वो तो इसबार साथ आ ही नहीं रहे थे, बाहर से ही समर्थन देने की बात कही थी लेकिन आप ही ने कहा था कि सारे विपक्ष को गोलबंद करके देश से भाजपा को उखाड़ फेंकना है, अब क्या हुआ, भाजपा को उखाड़ते उखाड़ते उसी की गोद में जाकर बैठ गए. तेजस्वी ने जब नितीश को चैलेन्ज करते हुए ये कहा कि आप जो लड़ाई बीच में छोड़कर मैदान से भाग गए उस लड़ाई को आपका भतीजा लड़ेगा और बिहार में मोदी जी को रोक कर दिखायेगा, सदन में खूब तालियां बजीं । भारत रत्न को लेकर भी तेजस्वी ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला, तेजस्वी ने कहा कि भाजपा सम्मान के बहाने डील करती है, राजनीतिक डील. पूर्व मुख्यमंत्री मांझी को भी उनकी बातें याद दिलाते हुए कहा कि आप ही ने अभी कुछ दिन पहले कहा था कि नितीश कुमार उलटी सीधी दवाएं खा रहा है, उसका दिमाग़ खराब हो गया है. अब मांझी साहब बगल में बैठे हैं तो उनसे अनुरोध है कि नितीश बाबू को खूब अच्छी अच्छी दवाये खिलाएं ताकि उनका दिमाग़ सही रहे.

तेजस्वी ने राजद से पाला बदलकर जाने वालों को भी अपने ही अंदाज़ में खूब लताड़ा और कहा जब समय आएगा तो तेजस्वी ही आपको खड़ा मिलेगा। नौकरियों पर भी नितीश कुमार को तेजस्वी ने बुरी तरह घेरा और कहा कि यही नितीश बाबू हैं जो कहते थे कि नौकरी देने के लिए पैसा क्या अपने बाप से लेकर आएगा लेकिन 17 महीने में दो लाख नौकरियां देकर दिखा दिया कि जिस बात को आप असंभव बता रहे थे उसे कैसे संभव किया जाता है, नितीश बाबू इसके लिए इच्छाशक्ति की ज़रुरत होती है जो आपमें नहीं है, आप तो थके हुए हो, पिछले 17 महीने में दौड़ना तो हमने सिखाया और कहते हो कि क्रेडिट काहे लेते हैं। अब काम किया है तो क्रेडिट तो लेंगे ही, काहे नहीं लेंगे। अरे अभी भाजपा आपके साथ आयी है तो जो काम होगा उसका क्रेडिट क्या आप ही लोगे, भाजपा नहीं लेगी। आज के भाषण ने ये दिखा दिया कि तेजस्वी ही बिहार का भविष्य हैं। नितीश ने भी सपनों में नहीं सोचा होगा कि उन्हें इस तरह भरे सदन में इतनी बातें सुनने को मिलेंगी। भाषण तो नितीश ने भी दिया मगर दिल जीतने वाला भाषण तेजस्वी के हिस्से में गया. फ्लोर टेस्ट में नितीश की जीत हुई मगर सदन में तो ऐसा ही लगा जैसे जीतने वाले खेमे का नेतृत्व तेजस्वी कर रहे हैं।

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