बिहार के आठ बार के मुख्यमंत्री अक्सर पीएम मैटेरियल की चर्चा का हिस्सा बनते रहे हैं. जब भी लोकसभा चुनाव की सुगबुगाहट होती है इस तरह की चर्चाएं ज़ोर पकड़ती हैं, इसके अलावा भाजपा और जेडीयू के बीच जब खटपट की बातें होतीं हैं तब भी पत्रकारों का नितीश कुमार से पसंदीदा सवाल प्रधानमंत्री पद को लेकर होता है. नितीश कुमार भी कभी ऐसे सवालों को हवा में उड़ा देते हैं तो कभी खुद को इस रेस से दूर बताते हैं. अब जबकि जेडीयू और भाजपा के बीच तलाक़ हो चूका है. राजद-कांग्रेस इन हो चुकी और भाजपा को बाहर का रास्ता दिखाया जा चूका है, नितीश कुमार आठवीं बार सीएम पद की शपथ भी ले चुके हैं मगर सवाल प्रधानमंत्री पद को लेकर उनकी उम्मीदवारी पर किये जा रहे हैं.
इसी विषय को लेकर आज राजद के तेजस्वी यादव से जब सवाल किया गया तो उन्होंने बड़ा माकूल जवाब देते हुए कहा कि जब मोदी प्रधानमंत्री बन सकते हैं तो नितीश कुमार क्यों नहीं बन सकते। तेजस्वी के मुताबिक नीतीश कुमार के पास मोदी से कहीं ज़्यादा अनुभव है, उनके मुताबिक कद भी बहुत बड़ा है , इसलिए वो पूरी तरह प्रधानमंत्री बनने की योग्यता रखते हैं, हालाँकि उन्होंने कहा कि पीएम बनना या बनना इसका फैसला नितीश कुमार खुद ही कर सकते हैं.
वहीँ नीतीश कुमार ने भी प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उनके मन में यह सब नहीं है. नितीश ने कहा कि लोग क्या कहते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. उन्होंने कहा कि मेरे करीबी लोग भी अक्सर ऐसा कहते हैं .इसके साथ ही नितीश ने कहा कि अच्छा तो यह होगा कि सभी विपक्षी पार्टियां एक साथ काम करें और उनका मकसद भी सारी विपक्षी पार्टियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाना है.

