मेरठ। मेडिकल कालेज के हास्टल के अपने कमरे में डीएमआरडी की छात्रा ने फांसी लगाकर आत्महत्या तो कर ली। लेकिन उसके आत्महत्या करने के बाद पीछे कई सवाल छूट गए हैं। आज मेरठ पहुंचे मृतक छात्रा के परिजन कुछ बोलने को तैयार नहीं थे। मृतक मेडिकल छात्रा के पिता ने सिर्फ इतना ही कहा कि वो पिछले कुछ महीने से अवसाद में थी। लेकिन मेडिकल छात्रा के अवसाद का कारण क्या था इस पर उन्होंने चुप्पी साध ली और कुछ नहीं बोले। एक होनहार ने मौत को गले लगा लिया लेकिन उसके पीछे कई सवाल छूट गए हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि वह अवसाद में क्यों थी और आखिर क्या वजह थी, जिसके कारण उसने आत्मघाती कदम उठाया। जबकि वो एक दिन पहले ही अपने घर प्रयागराज से वापस लौटी थी। मंगलवार को महिला छात्रा ने अपनी ड्यूटी भी की थी। मरीजों को देखा था और उनको दवाइयां दी थी। इसके बाद भी उसने किसी से कुछ नहीं बताया और ना ही कुछ कहा। मेडिकल पुलिस का कहना है कि इसके बारे में परिजन ही बेहतर बता सकते हैं। बहरहाल अब महिला छात्रा इस दुनियां में नहीं है तो उसके पीछे उसकी मौत का रहस्य भी एक रहस्य ही बनकर रह जाएगा। साथी छात्रोंं की माने तो वह पिछले दिनों परीक्षा की समाप्ती के बाद अपने घर प्रयागराज चली गई थी।
सोमवार को जब वह घर से आईं तो सामान्य लग रही थी। सबसे हंसकर बोल रही थी और बातें कर रही थी। साथी छात्रों के साथ उसने खाना भी खाया था। इस दौरान भी साथियों को उसकी सभी चीजें समान्य ही लगी थी। लेकिन अचानाक से रात में ऐसा क्या हुआ जो उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया। इससे साथी छात्र भी हैरान हैं। हालांकि कुछ छात्रों की मृतका के पिता से बात हुई थी। उनका कहना था है कि वह पिछले काफी दिनों से अवसाद में चल रही थीं। इसके अलावा उन्होंंने कुछ भी नहीं बताया। अब घटना के बाद कई सवाल छूट गए हैं। आखिर क्या वजह हो सकती है जो छात्रा को आत्महत्या जैसा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा। पुलिस ने मृतक छात्रा के साथियों से भी इस बारे में पूछताछ की है। लेकिन उन्होनें भी कुछ जानकारी से इनकार कर दिया। मृतक छात्रा मोनिका के दोस्तों का कहना है कि उसके व्यवहार में कुछ भी अजीब नहीं था। पुलिस का कहना है कि परिजनों से पूछताछ की गई है। वहीं मृतक छात्रा के पति से भी इस बारे में बात की गई। उसने भी बताया कि ऐसी कोई बात नहीं थी जिससे कि उसको आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़े।

