लगातार बायोबबल में रहने से टीम इंडिया के कोच और कप्तान परेशान

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लगातार बायोबबल में रहने से टीम इंडिया के कोच और कप्तान परेशान

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम 18 जून को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले जाने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल मैच और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली 5 मैचों की टेस्ट सीरीज के लिये बुधवार (1 जून) को इंग्लैंड रवाना हो रही है। इस ऐतिहासिक दौरे पर रवाना होने से पहले भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और हेड कोच रवि शास्त्री ने मीडिया को संबोधित करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस की जिसमें कई सवालों के जवाब दिये गये। इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली से अगले कुछ समय तक लगातार होने वाले क्रिकेट को लेकर सवाल किया गया और आईपीएल को इसमें जोड़ने के बाद होने वाली परेशानी पर भी बात की गई।

उल्लेखनीय है कि 3 जून को इंग्लैंड पहुंचने वाली भारतीय टीम को विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मैच खेलने के बाद 4 अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज भी खेलनी है, जो कि 14 सितंबर तक खेला जायेगा। पहले भारतीय टीम को इस दौरे के बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 वनडे और 5 मैचों की टी20 सीरीज खेलकर टी20 विश्व कप में पहुंचना था लेकिन बीसीसीआई ने अब आईपीएल के बचे हुए 31 मैचों को आयोजित करने के लिये 15 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच की विंडो का इस्तेमाल करने का फैसला किया है।

इसका मतलब है कि भारतीय टीम को इंग्लैंड के बायोबबल में रहने के बाद आईपीएल में अपनी टीमों के बायोबबल से जुड़ना होगा, जिसके तुरंत बाद ही उसे टी20 विश्व कप के बायोबबल से भी जुड़ना होगा। बीसीसीआई के इतने बिजी शेड्यूल को देखते हुए लगातार सवाल उठाये जा रहे हैं कि क्या इसका दुष्प्रभाव खिलाड़ियों पर देखने को मिलेगा।

जब इस बारे में कप्तान विराट कोहली से पूछा गया तो उन्होंने कहा,’जब आप लगातार मैच खेलते हैं तो आप कितने भी फिट हों आपके लिये हर रोज मैदान पर एक जैसा प्रदर्शन कर पाना काफी मुश्किल होता है और मौजूदा समय में जिस तरह के हालात में आपको खेलना होता है यह और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में खिलाड़ियों को एक ब्रेक लेने की काफी जरूरत होती है। आने वाले समय में यह काफी जरूरी चीज होने वाली है क्योंकि आप नहीं चाहते कि जिस तरह से आपने इस टीम को खड़ा किया है जिसकी अनदेखी होने पर बिखरने का खतरा बढ़ जाता है। मेरा मानना है कि इससे उबरने के लिये एक ऐसा चैनल होना चाहिये जहां पर खिलाड़ी अपनी बात कहने में असहज न महसूस करे और हमारे पास अच्छी चीज यह है कि मैनेजमेंट ने उस चैनल को ओपन रखा हुआ है।’

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