कहा जाता है कि भारत की गली गली में स्पिनर्स पलते हैं, टीम को देखें तो बेशक दुनिया का सबसे अच्छा स्पिन अटैक भारत के पास है. ऐसे में माना जा सकता है कि भारतीय बल्लेबाज़ स्पिन गेंदबाज़ी खेलने में महारत रखते होंगे लेकिन सवाल उठता है कि क्या वाकई में ऐसा है. भारतीय बल्लेबाज़ों के प्रदर्शन को तो देखते हुए कहा जा सकता है कि ऐसा है नहीं। अगर ऐसा होता पुणे की पिच पर भारतीय बल्लेबाज़ न्यूज़ीलैण्ड के स्पिनर्स के सामने सरेंडर न करते। जिस पिच और जिस टॉप क्लास स्पिन गेंदबाज़ी के सामने कीवी बल्लेबाज़ 259 तक पहुँच गए, उसी पिच पर मिचेल सेंटनेर के सामने भारतीय बल्लेबाज़ों ने घुटने तक दिए.
भारतीय टीम सिर्फ 45.3 ओवर ही खेल सकी और 156 रनों पर ढेर हो गयी, इस तरह एक छोटे टोटल के बाद भी कीवी टीम को 103 रनों बड़ी बढ़त हासिल हो गयी, जिसे पिच को देखते हुए विशाल बढ़त का जा सकता है. इतनी बड़ी बढ़त के साथ दूसरी पारी में कीवी टीम ने मज़बूत शुरुआत की है और टी टाइम तक दो विकेट खोकर 85 रन बना चुकी है। इस तरह उसके पास अभी 188 रनों की बढ़त हासिल है.
आज भारत ने 16/1 के आगे पारी शुरू की मगर टीम इंडिया के बल्लेबाज़ अपेक्षाकृत कम ख्याति वाले कीवी स्पिनर्स के आगे लगातार घुटने टेकते रहे. लंच तक भारत के सात विकेट 107 रनों पर पवेलियन लौट चुके थे. लंच के बाद भारतीय टीम 156 रनों पर सिमट गयी. कीवियों की पहली पारी के दौरान सात विकेट हासिल करने वाले वाशिंगटन सूंदर का जवाब न्यूज़ीलैण्ड की तरफ से मिचेल सेंटनेर ने सात विकेट हासिल करके दिया। दो विकेट पार्ट टाइम स्पिनर ग्लेन फिलिप्स को हासिल हुए वहीँ रोहित शर्मा को टिम साउथी ने पहले दिन ही आउट कर दिया था.
भारतीय पारी की बात करें तो एक भी बल्लेबाज़ पचासा नहीं बना सका. सबसे बड़ी पारी रविंद्र जडेजा के बल्ले से आयी जिन्होंने आक्रमक 38 रनों की पारी खेली. वहीँ यशस्वी जायसवाल और शुभमण गिल 30-30 रनों की पारियां खेल सके. बंगलुरु टेस्ट की तरह भारत के सामने एकबार फिर दूसरी पारी में बड़ी चुनौती सामने आने वाली है.
