Site icon Buziness Bytes Hindi

Targeted killings in Jammu and Kashmir : घाटी में उपजे हालातों से निपटने को आज गृ​हमंत्री ने बुलाई बैठक में लिए सख्त फैसले

जम्मू। घाटी में आतंकवाद के बदले पैटर्न ने मोदी सरकार को हैरान कर दिया है। सीमा पार से आए आतंकी काश्मीर में धमाके नहीं कर रहे। सुरक्षा बलों पर हमले बंद हो गए हैं। लेकिन अब वहीं आतंकियों ने अलगाववाद का दूसरा रास्ता अपनाते हुए घाटी के भीतर काश्मीरी पंडितों और सरकारी कर्मचारियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। जिससे काश्मीर में 90 के दशक जैसे हालात बनने लगे हैं। आज शुक्रवार को काश्मीर में उपजे इन हालातों से निपटने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक की।

Also Read : Kashmiri Pandit News: आज सुबह से घाटी से कश्मीरी पंडित का पलायन शुरू, 90 दशक जैसे हालात

जिसमें काश्मीर में निशाना बनाकर की गई हत्याओं के बाद की समीक्षा की गई। आज शुक्रवार को ये हाईप्रोफाइल बैठक दोपहर बाद तीन बजे शुरू हुई और दो घंटे तक चली। इस बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवाल, सेना प्रमुख मनोज पांडे,गृह सचिव अजय भल्ला के अलावा जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा मौजूद रहे। बाद में इस बैठक में सीआरपीएफ़ के महानिदेशक कुलदीप सिंह, बीएसएफ़ प्रमुख पंकज सिंह,जम्मू और कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह भी इसमें शामिल हुए। बैठक में जे एंड के पुलिस ने हाल में हुई हत्याओं के लिए चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया।

इसके बाद बैठक में कुछ कठोर निर्णय लिए गए। जिसके परिणाम आने वाले दिनों में दिखाई देंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि कुछ समय के लिए उन लोगों को जम्मू शिफ़्ट किया जाए जो सरकारी ओहदे पर काम कर रहे हैं। अगर हालात ठीक हो जाएं तो उन्हें दोबारा कश्मीर घाटी में लाया जाएगा। वहीं अब चरमपंथियों के खिलाफ अर्धसैनिक बलों और राज्य पुलिस को अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

Also Read : फिल्म के प्रमोशन से फुरसत मिले तभी कश्मीर की तरफ देखेगी सरकार: Rahul Gandhi

Exit mobile version