काबुल। अफगान की राजधानी के एक मदरसे में आत्मघाती धमाके में तालिबान से जुड़े शीर्ष मौलाना रहीमुल्ला हक्कानी की मौत हुई है। तालिबान के अनुसार हमलावर अपनी कृत्रिम टांग में छिपाकर आईईडी लेकर आया था। जिसमें धमाका हुआ। मौलाना रहीमुल्ला आईएस के खिलाफ सक्रिय था। मौलाना रहीमुल्ला की हत्या की जिम्मेदारी आईएस ने ली है। मौलाना रहीमुल्ला हक्कानी को तालिबान गृहमंत्री और हक्कानी नेटवर्क के सरगना सिराजुद्दीन हक्कानी का गुरु माना जाता था। मौलाना रहीमुल्ला सोशल मीडिया पर तालिबान का चेहरा बताया जाता था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मौलाना रहीमुल्ला के लाखों फॉलोवर्स हैं। मौलाना रहीमुल्ला हक्कानी पर पहले भी दो हमले हो चुके हैं। रहीमुल्ला तालिबान सैन्य आयोग का सदस्य भी रह चुका है। अमेरिकी सेना ने रहीमुल्ला को गिरफ्तार करके कई महीने बगराम जेल में रखा था। मौलाना रहीमुल्ला के पेशावर स्थित मदरसे में तालिबान लड़ाको को शिक्षा देता था।
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मौलाना रहीमुल्ला को मौत को हक्कानी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका बताया जा रहा है। हक्कानी नेटवर्क के वैचारिक चेहरे के रूप में अरब देशों में उसका प्रतिनिधित्व करता था। वह पाकिस्तान और अन्य स्थानों से मिलने वाली फंडिंग का मुख्य कर्ताधर्ता भी था। इसी सब को लेकर आईएस के निशाने पर मौलाना रहीमुल्ला हक्कानी था। मौका मिलते ही आईएस के आत्मघाती हमलावर ने मौलाना रहीमुल्ला को मौत की नींद सुलाकर हक्कानी गुट की कमर तोड़ दी है। वहीं इससे तालिबान को भी गहरा झटका लगा है।

