सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर घायलों को अस्पताल पहुंचाने पर एक लाख रूपये तक का मिलेगा ईनाम
समय पर चिकित्सा न मिल पाने पर अक्सर टूट जाती है घायलों के जीवन की डोर
देहरादून। सड़क हादसों में घायल लोगों की मदद करने में अक्सर लोग परहेज करते हैं। कारण यह कि लोग कानूनी कार्रवाई के पचड़े में नहीं पड़ना चाहते। ऐसे में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को समय पर चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पाती। कई बार तो घायलों की मौत भी समय पर चिकित्सा न मिल पाने के कारण हो जाती है। लेकिन उत्तराखंड पुलिस ने इस दिशा में सराहनीय कार्य करते हुए सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने पर एक लाख रूपये तक का इनाम देने का ऐलान किया है। उत्तराखंड पुलिस का मानना है कि इस योजना के लागू हो जाने से घायलों को समय पर चिकित्सीय सुविधा मिल पायेगी
सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को त्वरित उपचार की आवश्यकता होती है। देखा गया है कि लोग दुर्घटना होने पर पुलिस को सूचना दे देते हैं और एंबुलेंस आने का इंतजार करते हैं। मगर लोग चाहकर भी खुद आगे आकर घायलों की मदद करने का प्रयास नहीं करते। इसके पीछे असली वजह दुर्घटना होने के बाद पुलिस पूछताछ और कानूनी कार्रवाई से घबराना है। लेकिन पुलिस और एंबुलेंस को भी घटनास्थल पर पहुंचने मेें वक्त लगता है। ऐसे में कई बार देर हो जाती है और घायल को जान तक गंवानी पड़ती है। हालांकि उत्तराखंड पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाने वालों से बार-बार पूछताछ न करने के आदेश दिये हैं। इसके बावजूद लोग घायलों की मदद करने को आगे नहीं आते।
ऐसे में लोगों को घायलों की मदद करने के लिये प्रोत्साहित करने के लिये उत्तराखंड पुलिस ने प्रोत्साहन राशि देने का ऐलान किया है। उततराखंड पुलिस ने गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों को एक लाख रूपये तक का ईनाम देने की घोषणा की है। इस योजना के लिये रोड सेफ्टी फंड के तहत दो करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा चुका है।
हालांकि उत्तराखंड पुलिस ऐसे लोगों को कानूनी संरक्षण प्रदान कर चुकी है। इसके तहत सभी थाने, चैकियों को ऐसे लोगों से बार-बार पूछताछ न करने के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन फिर भी बहुत ज्यादा लोग मदद को आगे नहीं आते।इसके चलते यातायात पुलिस घायलों की मदद करने वालों को प्रेरित करने के लिए नकद पुरस्कार की योजना बना रही है। यातायात निदेशक केवल खुराना के मुताबिक,केंद्र सरकार लगातार, सड़क सुरक्षा के तहत आम लोगों को घायलों की मदद के लिए प्रेरित करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में यह योजना बनाई गई है। इस पर शासन के साथ भी विचार विमर्श हो चुका है।
यातायात निदेशक केवल खुराना के अनुसार सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को जल्द से जल्द उपचार मिलना आवश्यक है। ऐसे में घायलों की मदद के लिये लोगों का सहयोग न केवल उन्हें पुण्य प्राप्त करने का अवसर देगा बल्कि एक लाख रूपये तक का पुरस्कार भी दिला सकता है। प्रत्येक तीसरे माह में जिलास्तर पर कार्यक्रम आयोजित कर घायलों की मदद करने वालों को नकद धनराशि प्रदान की जायेगी। इससे अन्य लोग भी सड़क दुर्घटना में घायल लोगों की मदद करने को प्रेरित होंगे और कई जिंदगियों को बचाया जा सकेगा।

