सिडनी। किक्रेट बाइचांस का खेल कहा जाता है। इसमें हमेशा कुछ संयोग ही ऐसे बनते हैं। जिसके बाद टीमें अप्रत्याशित जीत तय करती हैं। कुछ ऐसे ही संयोग के मुहाने पर अब टी—20 के विश्वकप में भारत और पाकिस्तान की टीमें हैंं। इसमें जहां एक टीम पाकिस्तान आज न्यूजीलैंड को हराकर फाइनल में पहुंच गई है। वहीं अभी भारत के फाइनल में पहुचना इग्लैंड से खेला गया मैच तय करेगा। लेकिन इन दिनों सोशल मीडिया पर टी—20 में अब तक जो संयोग बने हैं उनकी खूब चर्चा हैं।
संयोग से फाइनल होगा भारत और पाकिस्तान के बीच !
इन संयोगों पर अगर गौर करें तो इस विश्वकप के फाइनल में न सिर्फ भारत और पाकिस्तान पहुंच रहे हैं बल्कि दोनों ही टीमों को संयोग विजेता बनने का इशारा किया जा रहा है। देखने वाली बात होगी कि इन दोनों टीमों में से किसका संयोग उसे विश्व चैंपियन बनाता है। हालांकि पाकिस्तान ने बाजी मारते हुए टी—20 के फाइनल में जगह बना ली है। टी—20 विश्वकप अब उससे मात्र एक मैच जीत की दूरी पर है।
2007 में भारत ने पाक को चटाई थी धूल :—
2007 के टी—20 विश्व कप में भारत और पाकिस्तान फाइनल में पहुंचे थे। जिसमें भारत ने पाकिस्तान केा रौंद दिया था और टी—20 विश्वकप पर कब्जा किया था। इसके बाद 2011 में भारत विश्व चैंपियन बना था। भारत के पक्ष में सबसे बड़ा संयोग 2011 के विश्वकप का है। जो अब तक टी—20 के 2022 के विश्वकप से मेल खाता है। 2011 और 2022 में भारत ने अभ्यास मैच में ऑस्ट्रेलिया को हराया था। दोनों जगह आयरलैंड ने इंग्लैंड को हराया। दोनों जगह भारत दक्षिण अफ्रीका से दो गेंद शेष रहते हारा था।
देखना होगा कि भारत 2022 में टी—20 विश्व चैंपियन बनता है या नहीं। सेमीफाइनल में भारत का सामना इंग्लैंड से ही है।
ये संयोग भारत को बना रहे विजेता :—
2007 के वनडे विश्वकप में भारत को बांग्लादेश के हाथों शर्मनाक हार मिली थी। अगले 2011 के विश्वकप के पहले मैच में भारत ने बांग्लादेश को हराकर न सिर्फ बदला लिया बल्कि चैंपियन बन गया था। इसी तरह 2021 में भारत को पाकिस्तान ने हराया था। अगले 2022 के विश्वकप के पहले मैच में भारत ने पाकिस्तान को हराकर इसका बदला लिया। अब भारत विजेता बनने से दो कदम दूर है।
2011 के विश्वकप से ठीक पहले भारत के तेज गेंदबाज प्रवीण कुमार चोटिल हुए और बाहर हो गए थे। उनकी जगह श्रीसंत को शामिल किया था। 2022 में जसप्रीत बुमराह चोटिल हुए और उनके स्थान पर मोहम्मद शमी को लिया गया। 2011 में भारत के ग्रुप में बांग्लादेश,नीदरलैंड और दक्षिण अफ्रीका थे। यहां भी ये तीनों भारत के ग्रुप में थीं।
