लखनऊ। प्रदेश में मंकीपाक्स और कोरोना के बीच अब टोमैटो फ्लू की आहट से लोग परेशान हो गए हैं। लखनऊ में 12 बच्चों में टोमैटो फ्लू जैसे लक्षण दिखाई देने से लोगों की नींद उड़ गई है। बता दें कि टोमैटो फ्लू का पहला केस केरल में मिला था। जिसके बाद केंद्र सरकार ने राज्यों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। एडवाइजरी में टोमैटो फ्लू के लक्षण से लेकर रोकथाम के बारे में जानकारी के साथ ही उसके इलाज के बारे में भी बताया गया था। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज 12 बच्चो में टोमैटो फ्लू जैसे लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। इन सभी बच्चों कें हाथ पैर और मुंह के साथ शरीर में लाल चकत्ते और बुखार थकान जैसे लक्षण मौजूद हैं। इनमे से किसी भी मामले में हालत गंभीर न होने के चलते सभी को दवा देकर घर भेज दिया गया है। हालांकि इनमे से किसी बच्चे की जांच नहीं हुई है। ऐसे में सीधे तौर पर अभी यह नहीं कहा जा सकता कि इनमे टोमैटो फ्लू के लक्षण हैं या नहीं। इन सभी बच्चों को सामान्य दवाएं दी जा रही है। चिकित्सक इन पर नजर रख रहे हैं। अगर एक हफ्ते में इनको इन लक्षणों से रहत मिल जाती है तेा ठीक है वरना इनकी जांच करवाई जाएगी। केजीएमयू के डा0 वेद प्रकाश ने बताया कि टोमैटो फ्लू एक वायरल इंफेक्शन है।
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इसमें कम उम्र के बच्चों के मुंह, हाथ और पैरों पर छाले के अलावा फफोले पड़ जाते हैं। ये फफोले टमाटर साइज के भी हो सकते हैं। जिसके कारण इसे टोमैटो फ्लू कहा जाता है। यह बीमारी एक से पांच साल की उम्र के बच्चों को होती है वहीं कमजोर इम्यूनिटी वाले वयस्कों को भी यह बीमारी हो सकती है। कई बार यह डेंगू या चिकनगुनिया का साइड इफेक्ट भी माना जाता है। वैसे तो यह इंफेक्शन करीब सप्ताह भर में ठीक हो जाता है। लेकिन कुछ केस गंभीर हो सकते हैं। इसलिए ऐसे मामले में चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। डा0 वेद प्रकाश ने बताया कि टोमैटो फ्लू वायरस फैलने के सटीक कारणों का पता लगना अभी बाकी है। हालांकि यह वायरल इंफेक्शन है। जो संक्रमित बच्चों से अन्य बच्चों में फैलता है। यह बीमारी छूने, साथ बैठने, खेलने से हो सकती है। इसके लक्षणों की बात करें तो इसमें शरीर में तेज दर्द,बुखार,डिहाइड्रेशन, अत्यधिक थकान, त्वचा पर फफोले निकलना, मुंह के छाले, पेट ऐंठन, जी मिचलाना और उल्टी दस्त शामिल हैं। इस तरह के लक्षण दिखने पर डॉक्टर को दिखाकर उनके परामर्श के अनुसार ही दवाई लेनी चाहिए।

