नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों में और दूसरी बीमारियां पनप रही हैं। बीमारियां भी कोई ऐसी वैसी नहीं बल्कि गंभीर रोगों वाली हैं। कोरोना के आतों में जाने से डायरिया हो रहा है। उसके बाद यह आतों को खराब कर रहा है। इतना ही नहीं नसों में खून ब्लाक हो जाने के बाद पोस्ट कोविड मरीजों में गैंगरीन के लक्षण भी मिल रहे हैं। पहले तो यही माना जा रहा था कि कोरोना संक्रमण से फेफड़े ही संक्रमित हो रहे हैं और यह उन्हीं को नुकसान पहुंचा रहे हैं लेकिन अब कोरोना वायरस का लिवर और आंतों को भी नुकसान पहुंचा रहा है। यह आंतों को ब्लॉक कर रहा है। इससे कई पोस्टकोविड लोगों को गैंगरीन हो गया है।
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अधिक संक्रमण के कारण पोस्ट कोविड लोगों की आंतों को काटना पड़ा है। इसमें कुछ की मौत भी हो गई है। वहीं कुछ बच गए लेकिन उनकी हालत कुछ अच्छी नहीं है। विशेषज्ञ डॉ. संदीप लखटकिया का कहना है कि कोरोना संक्रमण से ठीक हुए लोगों में यह अब नसों को ब्लॉक कर रहा है। एंडोस्कोपिक से नसों के ब्लॉकेज तो हटा दिए जाते हैं। लेकिन आंतों में सूजन आ रही है। इससे आंतें प्रभावित हो रही है। इसके चलते डायरिया हो रहा है। इतना ही नहीं अब पोस्ट कोविड लोगों में आंत की खराबी के अलावा गंभीर रोग गैंगरीन भी पनप रहा है। कुछ पोस्टकोविड लोगों के पैरों की नसों में खून ब्लॉक हो गया। जिससे उनमें गैगरीन रोग फैल गया है।
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