मेरठ। मेरठ के स्विमिंग पूल मौत का कुंड बने हुए है। 2010 से लेकर अब तक छह लोगों की जान मेरठ में खुले स्विमिंग पूल ले चुके हैं। बिना मानकों और नियमों की अनदेखी के चल रहे इन स्विमिंग पूल में आए दिन हादसे होते हैं। यह अलग है कि उन हादसों पर आज तक किसी ने गौर नहीं किया। शुक्रवार को भी स्विमिंग पूल में नहाने गए युवक का सिर स्विमिंग पूल में जमीन से टकराया और वह बुरी तरह से लहूलुहान हो गया। उसके दोस्त उसको अस्पताल लेकर गए लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। इससे पहले 2021 में भी होटल क्रोम के स्विमिंग पूल में नहाते समय गिरने में एक युवक की मौत हो गई थी।
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गर्मी में तैराकी और व्यायाम के उद्देश्य से युवा और बच्चे स्विमिंग पूल में जाते हैं। लेकिन ये स्विमिंग पूल बिना सुरक्षा मानकों के संचालित किए जाते हैं। कहीं सुरक्षा गार्ड नहीं हैं, कहीं मानकों के मुताबिक पानी नहीं होता है। स्विमिंग पूल का पानी बीमारी का कारण भी बनता है। पूल संचालकों की यही लापरवाही मौत बांट रही है।
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शुक्रवार को जिस स्विमिंग पूल में हादसा हुआ वो भी लापरवाही के चलते ही हुआ। जहां पर किशोर नहा रहे थे। उस जगह पर कोई सुरक्षा गार्ड नहीं था। किशोर पानी से बाहर निकला तो उसके चक्कर आने लगे। यदि उसी समय स्विमिंग पूल पर चिकित्सा सुविधा मिलती तो शायद उसकी जान बच जाती। पिछले दो साल से कोविड के कारण बंद पड़े स्विमिंग पूल शुरू हो गए। काफी स्विमिंग पूल स्वामी ने बिना अनुमति के ही संचालन शुरू किया है।
