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नहीं माने स्वामी प्रसाद, फिर दिया हिन्दू धर्म पर विवादित बयान

Swami Prasad did not agree, then gave a controversial statement on Hindu religion

अभी दो दिन पहले ही एक ब्राह्मण सम्मलेन में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने ब्राह्मण समुदाय को ये विशवास दिलाया था कि पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता और नेता हिन्दू धर्म को लेकर किसी तरह का कोई विवादित बयान नहीं देगा लेकिन स्वामी प्रसाद मौर्या पर उसका कोई असर पड़ते नहीं दिख रहा है. सपा के विवादित नेता स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदु धर्म को लेकर एक बार फिर विवादित बयान देते हुए कहा है कि हिंदू धर्म, धर्म नहीं एक धोखा है. उन्होंने हिन्दू धर्म को कुछ लोगों के लिए धंधा बताया है.

स्वामी प्रसाद ने सुप्रीम कोर्ट की एक टिप्पणी का ज़िक्र करते हुए कहा कि 1995 में सुप्रीम कोर्ट कह चूका है कि हिंदू कोई धर्म नहीं है जीवन जीने की एक शैली है. स्वामी प्रसाद मौर्या ने अपनी बात के पक्ष को मज़बूती से रखते हुए कहा कि संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी कहा है कि हिंदू नाम का कोई धर्म नहीं है बल्कि यह जीवन जीने की एक कला है. पीएम मोदी भी कह चुके हैं कि हिंदू धर्म कोई धर्म नहीं है. सपा नेता ने कहा कि सिर्फ बयानों से लये लोग क्यों आहत होते हैं, जब ये लोग खुले ऍम हिन्दू धर्म को धर्म मानने से इंकार करते हैं तब इनकी भावनाएं क्यों नहीं आहत होतीं हैं. सिर्फ मेरे बोलने पर पूरे देश में भूचाल मच जाता. स्वामी प्रसाद ने कहा कि चुनाव जीतने तक हम हिन्दू होते हैं और चुनाव जीतने के बाद हम हिन्दू नहीं रह जाते.

सपा नेता ने कहा कि अगर हिंदू मानते तो आरक्षण दीजिये. उन्होंने कहा कि जहाँ ज़ुल्म सहने वाले होते हैं वहीँ पर ज़ुल्म होता है. ज़ुल्म सहना बंद कर दीजिये ज़ुल्म होना भी बंद हो जायेगा. स्वामी प्रसाद ने सांसदों के निलंबन को केंद्र सरकार की तानाशाही बताया. हिंदू धर्म, सनातन और रामचरित मानस को लेकर स्वामी प्रसाद पहले भी विवादित बयान देते रहे हैं. कुछ महीने में लखनऊ में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने हिंदू धर्म को लेकर विवादित बयान दिया था जिसपर भाजपा और उसकी सहयोगी संस्थाओं ने ज़बरदस्त बवाल काटा था.

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