सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हर बार नहीं मिलेगी छूट

फीचर्डसुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हर...

Date:


सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से कहा, राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर हर बार नहीं मिलेगी छूट

  • सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस जासूसी मामले की जांच को एक्सपर्ट कमेटी गठित की
  • सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई, कहा- राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर सरकार को हर बार छूट नहीं मिल सकती

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा ने नाम पर सरकार को हर बार छूट नहीं दी जा सकती। पेगासस जासूसी मामले की जांच कराने के लिये दायर याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा की देश के हर नागरिक की निजता की रक्षा होनी ही चाहिये। सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस जासूसी मामले की जांच के लिये एक्सपर्ट कमेटी का गठन किया है जो इस मामले में अपनी रिपोर्ट देगी। इस मामले में अब 8 हफ्ते बाद सुनवाई की जाएगी।

Read also: लखीमपुर खीरी हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने लिंचिंग से जुड़ी एफआईआर पर यूपी सरकार से मांगा जवाब, गवाहों को सुरक्षा के आदेश

गौरतलब है कि पेगासस विवाद को लेकर विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर जासूसी करनेे का आरोप लगा रहा है। एक खोजी रिपोर्ट के अनुसार इजराइली कंपनी के जासूसी साॅफ्टवेयर पेगासस से भारत के 300 प्रतिष्ठित लोगों की जासूसी की गयी है। इनमें सरकार में शामिल मंत्री, विपक्ष के नेता, पत्रकार, वकील, जज, कारोबारी, अफसर, वैज्ञानिक और एक्टिविस्ट के नाम भी शामिल हैं।

पेगासस जासूसी की जांच करने के लिये सुप्रीम कोर्ट द्वारा बनायी गयी कमेटी सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस आर वी रवींद्रन की अध्यक्षता में कार्य करेगी। 3 सदस्यीय जांच कमेटी में पूर्व प्च्ै आईपीएस अफसर आलोक जोशी और इंटरनेशनल आॅर्गेनाइजेशन आॅफ स्टैंडर्डाइजेशन सब-कमेटी के चेयरमैन डाॅ. संदीप ओबेराॅय शामिल हैं। तीन सदस्यीय टेक्निकल कमेटी में साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल फोरेंसिंक के प्रोफेसर डाॅ. नवीन कुमार चैधरी, इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डाॅ. प्रभाकरन पी और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. अश्विन अनिल गुमस्ते को रखा गया है।

Read also: पेगासस विवाद : जांच याचिकाओं पर बुधवार को फैसला सुनाएगा सुप्रीम कोर्ट

आज सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा दिये गये सीमित एफिडेविट को नाकाफी बताते हुए कहा कि हमने सरकार को जानकारी देने के लिये पर्याप्त समय दिया। मगर सरकार ने कार्रवाई को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा अपना एक्सपर्ट पैनल बनाने की अर्जी को भी ठुकरा दिया। कोर्ट ने कहा कि अदालत मूकदर्शक बनकर नहींे बनी रह सकती।

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

राशन कार्ड के लिए जरूरी दस्तावेज कौन-कौन से हैं? पूरी सूची

राशन कार्ड सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने...

राशन कार्ड का स्टेटस कैसे चेक करें? पूरी प्रक्रिया समझें

राशन कार्ड के लिए आवेदन करने के बाद सबसे...

राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? पूरी प्रक्रिया समझें

राशन कार्ड एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है, जिसके माध्यम...