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Artical 370: जम्मू कश्मीर में फिर से लागू होगा Artical 370! तीन साल बाद शुरु हुई चर्चा

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Artical 370: जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370 को लेकर एक बार फिर से बयानबाजी तेज हो गई है। सवाल उठ रहे हैं कि फिर से जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद-370 लागू हो सकता है! 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाला अनुच्छेद-.370 केंद्र सरकार ने खत्म किया था। तीन साल बाद अब अनुच्छेद-370 की चर्चा फिर शुरू हो गई है। सुप्रीम कोर्ट में मामला है। सुप्रीम कोर्ट में अनुच्छेद-370 हटाने को चुनौती दी गई है। इससे जुड़ी 20 से अधिक याचिकाएं कोर्ट में हैं। सभी पर 11 जुलाई को सुनवाई होनी है।

सुप्रीम कोर्ट ने एक रिलीज जारी करके बताया कि मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ की अगुआई में पांच जजों की बेंच मामले की सुनवाई करेगी। बेंच में जस्टिस संजय किशन कौल, Justice Sanjeev Khanna , जस्टिस सूर्यकांत और Justice BR Gavai होंगे।

अनुच्छेद-370 क्या है

पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद-370 खत्म कर दिया था। यह कानून जम्मू-कश्मीर में करीब सात दशक से था। दरअसल, अक्तूबर 1947 में, कश्मीर के तत्कालीन महाराजा हरि सिंह ने भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किए थे। जिसमें कहा गया था कि तीन विषयों के आधार पर यानी विदेश मामले, रक्षा और संचार पर jammu & kashmir भारत सरकार को transfer your power करेगा।

मार्च 1948 में, महाराजा ने शेख अब्दुल्ला के साथ प्रधानमंत्री के रूप में राज्य में अंतरिम सरकार नियुक्त की थी। जुलाई 1949 में, शेख अब्दुल्ला और तीन अन्य सहयोगी भारतीय संविधान सभा में शामिल हुए। इसके बाद जम्मू-कश्मीर की विशेष स्थिति पर बातचीत हुई। जिससे अनुच्छेद-370 को अपनाया गया था।

इस अनुच्छेद में प्रावधान किया गया था कि रक्षा, विदेश और वित्त के अलावा संचार मामलों को छोड़कर भारतीय संसद को राज्य में किसी भी कानून को लागू करने के लिए जम्मू-कश्मीर सरकार की मंजूरी की जरूरत होगी। इसके चलते जम्मू कश्मीर के निवासियों की नागरिकता, संपत्ति स्वामित्व और मौलिक अधिकारों का कानून शेष भारत में रहने वाले निवासियों से अलग होगा।

अनुच्छेद-370 के तहत, देश के अन्य राज्यों के नागरिक जम्मू-कश्मीर में संपत्ति नहीं खरीद सकेगे। अनुच्छेद-370 के तहत, केंद्र सरकार को राज्य में वित्तीय आपातकाल घोषित करने की शक्ति नहीं थी। अनुच्छेद-370 में उल्लेख था कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 1 अनुच्छेद-370 के माध्यम से कश्मीर पर लागू होता है। अनुच्छेद 1 संघ के राज्यों को सूचीबद्ध करने वाला है। मतलब कि यह Article-370 है जो जम्मू-कश्मीर को union of india से जोड़ता है।

अनुच्छेद-370 हटने के बाद घाटी के हालात

2019 में जब अनुच्छेद-370 खत्म किया गया तब पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान ने कुछ हद तक स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की। घुसपैठ के जरिए हिंसा कराने की कोशिश हुई, लेकिन सुरक्षाबलों ने सब कोशिश नाकाम कर दी। केंद्र सरकार ने विशेष तौर पर जम्मू-कश्मीर के विकास पर फोकस किया। अब हर बजट में जम्मू-कश्मीर के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। जिससे घाटी के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। अनुच्छेद-370 खत्म होने के बाद पहली बार ऐसा हुआ कि जम्मू-कश्मीर संयुक्त राष्ट्र के दागी लिस्ट से बाहर हो गया है।

क्या वापस लागू होगा अनुच्छेद-370

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चंद्र प्रकाश पांडेय का कहना है कि अनुच्छेद-370 पूरी तरह से कानूनी तौर पर हटाया है। संसद की दोनों सदनों से प्रस्ताव को पास किया जा चुका है। राष्ट्रपति इसे मंजूरी दे चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट कानूनी पहलुओं पर चर्चा जरूर कर सकती है। लेकिन इसे फिर से लागू करना अब मुश्किल है। संसद का काम कानून बनाना है। न्यापालिका का काम उस कानून का पालन करते हुए न्याय दिलाना है।

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