Modi Surname Case : सुप्रीम कोर्ट में आज शुक्रवार को मोदी सरनेम टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की याचिका पर सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेसी नेता राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी को नोटिस जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मानहानि मामले में गुजरात राज्य को भी नोटिस जारी किया है। गुजराज के पूर्व मंत्री पूर्णेश मोदी ने नोटिस का जवाब दाखिल करने के लिए 21 दिन का समय मांगा है। लेकिन शीर्ष कोर्ट ने उनको 10 दिन का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि प्रश्न यह है कि क्या दोषसिद्धि निलंबित किए जाने योग्य है? मामले की अगली सुनवाई अब चार अगस्त को होनी है।
गुजरात हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती
इससे पहले गुजरात हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सजा पर रोक लगाने की मांग की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने हाईकोर्ट के फैसले को Supreme Court में चुनौती दी।
याचिका में दलीलें?
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा है कि अगर विवादित फैसले पर रोक नहीं लगाई गई, तो इससे स्वतंत्र अभिव्यक्ति, स्वतंत्र भाषण,स्वतंत्र विचार और स्वतंत्र बयान का दम घुट जाएगा। याचिका में कहा है कि राहुल गांधी को दोषी ठहराने और दोषसिद्धि पर रोक लगाने से इनकार करने की गलती तीन बार की गई। यह बड़ा कारण है कि शीर्ष कोर्ट इस मामले में दखल दे और जो नुकसान हुआ, उसे रोके।
याचिका में कहा है कि अगर याचिकाकर्ता की सजा पर रोक नहीं लगाई गई तो वह अपने करियर के आठ साल गंवा सकते हैं। कांग्रेसी नेता राहुल गांधी ने याचिका में कहा कि अगर हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाई तो इससे लोकतांत्रिक संस्थानों को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने की कोशिशों को बल मिलेगा। इससे लोकतंत्र का दम घुटेगा। यह भारत के राजनीतिक माहौल और भविष्य के लिए हानिकारक है।
ये है मामला?
2019 लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में एक रैली में कांगेस नेता राहुल गांधी ने कहा था कि कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?’ इसी को लेकर BJP MLA and Gujarat former minister पूर्णेश मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। राहुल के खिलाफ IPC section 499 और 500 (मानहानि) के तहत मामला दर्ज हुआ था।
