सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान बेंच ने CAA नियमों को लागू करने के खिलाफ अर्जियों पर रोक नहीं लगाई है. शीर्ष अदालत ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है. CJI डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिसरा की बेंच 230 से ज्यादा याचिकाओं पर आज सुनवाई की.
आज सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि 236 याचिकाएं हैं जिसके जवाब दाखिल करने के लिए उन्हें समय चाहिए जिसपर CJI ने कहा कि हम जवाब देने के लिए सरकार को समय देते हैं और जो आवेदन दाखिल हुए हैं उन पर नोटिस जारी करते हैं. कोर्ट में सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विजय हंसारिया बात रखते हुए कहा कि असम और उत्तर पूर्व को Section 6B से बाहर रखा गया है, इस वजह से दूसरे पडोसी राज्यों के लोग असम आएंगे. बता दें कि मेघालय, मिजोरम, त्रिपुरा Section 6(B)(4) से पूर्ण हैं. CJI ने सॉलिसिटर जनरल से पूछा कब जवाब दाखिल कर देंगे जिसपर SG ने चार सप्ताह का समय माँगा है.
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में CAA नियम नहीं लागू किए गए जो अब किए गए हैं . सिब्बल ने कहा कि अगर नागरिकता देनी की प्रक्रिया शुरू हो गई तो सभी याचिकाएं बेकार हो जाएंगी. कपिल सिब्बल ने कहा कि चार सप्ताह के समय को ज़्यादा बताते हुए कहा कि जबतक जवाब दाखिल नहीं होता तब तक नागरिकता देने की प्रक्रिया पर रोक लगाई जा सकती है. कपिल सिब्बल ने सवाल उठाया कि आखिर इतनी जल्दबाजी क्या थी. कपिल सिब्बल ने कहा कि सॉलिसिटर जनरल ने 22 जनवरी, 2019 को कहा था कि हम नियम लागू नहीं करने जा रहे ऐसे में रोक लगाने की जरूरत नहीं है.