Manipur Violence: हिंसा की जांच करेंगी HC के तीन पूर्व जजों की समिति, CBI जांच IPS की देखरेख में

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Manipur Violence: आज सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर हिंसा मामले में सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट में अटॉर्नी जनरल ने कहा कि मणिपुर में हालात तनावपूर्ण हैं। हिंसा भी बेकाबू हो रही है। ऐसे में राज्य से बाहर की जांच लोगों में विश्वास नहीं पैदा कर सकेगी। सुप्रीम कोर्ट ने आज सोमवार को मणिपुर हिंसा मामले में दायर संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई की। इस दौरान सरकार की ओर से कोर्ट में पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया सरकार बहुत परिपक्वता के साथ मणिपुर हिंसा को संभाल रही है। अटॉर्नी जनरल ने कोर्ट को बताया कि हिंसा प्रभावित छह जिलों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की एसआईटी गठित की जाएंगी।

जिला स्तर पर एसआईटी गठित

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि एसआईटी की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी करेंगे। एसआईटी हिंसा की जांच करेगी। महिलाओं से संबंधित हिंसक अपराधों की जांच के लिए महिला पुलिस अधिकारियों वाली एसआईटी गठित होगी। डीआईजी और डीजीपी स्तर के पुलिस अधिकारी एसआईटी के कामकाज की निगरानी करेंगे। अटॉर्नी जनरल ने कहा मणिपुर में हालात तनावपूर्ण हैं।

महिला अपराधों की जांच को सीबीआई

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि सीबीआई महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े 12 मामलों की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े अन्य मामले जांच के दौरान सामने आए तो उनकी जांच सीबीआई द्वारा होगी। वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि भारत म्यांमार सीमा पर उग्रवादी संगठन मौजूद हैं। विदेशी उग्रवादी हथियारों से लैस हैं। मुख्य मुद्दा पोस्ता की खेती का है। जिससे उन्हें फंडिंग होती है। ये उग्रवादी सीमा के इधर-उधर आते जाते हैं। यह एक समुदाय की बात नहीं है बल्कि इससे पूरा प्रदेश प्रभावित हैं।

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