Site icon Buziness Bytes Hindi

SC: दिल्ली शराब घोटाले के आरोपी मनीष सिसोदिया को झटका SC ने खारिज की जमानत याचिका

suprim court

supreme court: 17 अक्तूबर को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भाटी की पीठ ने सीबीआई और ईडी की तरफ से पेश उनके वकील अभिषेक सिंघवी और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू को सुनने के बाद सिसोदिया की दो अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रखा था। आज सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली शराब नीति घोटाले के सिलसिले में केंद्र शासित प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज करते हुए ट्रायल कोर्ट को छह से आठ महीने में सुनवाई पूरी करने के निर्देश दिए।

जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था

इससे पहले, 17 अक्तूबर को जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस एसवीएन भाटी की पीठ ने सीबीआई और ईडी की ओर से पेश वकील अभिषेक सिंघवी और अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू को सुनने के बाद सिसोदिया की दो अलग-अलग जमानत याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया था। बता दें कि सिसोदिया को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दोनों द्वारा जांच की जा रही उत्पाद नीति मामलों में गिरफ्तार किया गया था।

इसके पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने सिसोदिया की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद उन्होंने फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। जांच एजेंसियों (ईडी और सीबीआई) की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने अदालत को बताया था कि मुकदमा 9 से 12 महीने के भीतर समाप्त हो सकता है। मामले में 294 गवाह और हजारों दस्तावेज पेश किए गए हैं।

सिसोदिया को 26 फरवरी को किया था गिरफ्तार

बता दें कि सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को ‘घोटाले’ में उनकी कथित भूमिका के लिए सीबीआई ने गिरफ्तार किया था। उसके बाद से सिसोदिया हिरासत में हैं। ईडी ने तिहाड़ जेल में उनसे पूछताछ के बाद 9 मार्च को सीबीआई एफआईआर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। उन्होंने 28 फरवरी को दिल्ली कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। गौरतलब है कि इस मामले में विपक्षी दल भाजपा और दिल्ली में सत्तारुढ़ आम आदमी पार्टी के बीच जमकर सियासी बयानबाजी भी होती है।

Exit mobile version