नोएडा। जेवर एयरपोर्ट को मेट्रो रेल लाइन से जोड़ा जाना जाएगा। इसके लिए सुपर फास्ट स्पेशल कॉरिडोर बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कॉरिडोर दो फेज में बनाया जाएगा। पहले फेज की दूरी ग्रेटर नोएडा से जेवर एयरपोर्ट तक 36 किमी की होगी। इसमें से करीब आठ किमी का रूट अंडर ग्राउंड बनाया जाएगा। अंडर ग्राउंड स्टेशन की लागत करीब 5ः5 हजार करोड़ रुपये होगी। सूत्रों के मुताबिक डीएमआरसी ने डीपीआर तैयार की है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाली बोर्ड बैठक में डीपीआर को मंजूरी मिल जाएगी।
नोएडा अथॉरिटी अधिकारियों की मानें तो जेवर एयरपोर्ट को आपस में जोड़ने के लिए परिसर में आठ मेट्रो स्टेशन बनाए जाने का प्रस्ताव डीपीआर में शामिल किया गया है। यह आठ स्टेशन पैसेंजर टर्मिनल, कार्गों टर्मिनल, और मेंटीनेंस एंड रिपेयरिंग हब के पास बनाए जाएंगे। सभी स्टेशन के बीच एक से डेढ़ किमी की दूरी रहेंगी। इसके साथ एयरपोर्ट परिसर से बाहर बनने वाले अंडर ग्राउंड स्टेशन में सेक्टर 18,नॉलेज पार्क 2,सेक्टर 21, सेक्टर 20, सेक्टर 29 भी शामिल होंगे। पैसेंजर टर्मिनल के पास बुलेट ट्रेन का स्टेशन बनाया जाएगा। डीएमआरसी के अनुसार सभी अंडर ग्राउंड स्टेशन बनाने में 18 से 20 माह का समय लगेगा। जेवर और आईजीआई एयरपोर्ट के यात्रियों को कनेक्टिविटी के चलते किसी तरह की परेशानी नहीं हो इसके लिए मेट्रो ट्रेन का कॉरिडोर बनाने की तैयारी हो रही है। सूत्रों के मुताबिक कॉरिडोर बनाने के लिए डीएमआरसी दो विकल्प पर काम करेगी। पहला यह कि शिवाजी पार्क दिल्ली से सीधा जेवर एयरपोर्ट तक अलग से लाइन बिछाकर कॉरिडोर बनाया जाए। दूसरा जेवर से लेकर बॉटेनिकल गॉर्डन तक अलग ट्रेक बिछाया जाए। इसके बाद ब्ल्यू लाइन से आगे का सफर तय हो।
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जानकरों की मानें तो जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शिवाजी पार्क स्टेडियम को फास्ट मेट्रो रेल कॉरिडोर से जोड़ने के पीछे बड़ी वजह है। शिवाजी पार्क स्टेडियम मेट्रो स्टेशन पहले आईजीआई एयरपोर्ट के लिए बनाए डेडीकेटेड मेट्रो कॉरिडोर का स्टेशन है। जहां से ग्रेटर नोएडा नॉलेज पार्क-2 तक आने वाली यह लाइन जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली एयरपोर्ट से जोड़ेगी।
