- सचिव रविंद्र पुरी ने उत्तराधिकारी की घोषणा करने से किया इनकार
- संत बलवीर को उत्तराधिकारी बनाने का फैसला टला, अगली बैठक में होगा निर्णय
प्रयागराज। महंत नरेंद्र गिरी की आत्महत्या के मामले में हर रोज एक नया मोड़ आ रहा है। आज प्रयागराज में हुई पंच परमेश्वर की बैठक में निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने महंत जी के सुसाइड लेटर को फर्जी बता दिया। उन्होंने उत्तराधिकारी की घोषणा करने से भी मना कर दिया जिसके कारण संत बलवीर फिलहाल महंत नरेंद्र गिरी के उत्तराधिकारी नहीं बन पाएंगे। 25 सितंबर को होने वाली अगली बैठक में महंत नरेंद्र गिरी के उत्तराधिकारी पर निर्णय लिया जाएगा।
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आज प्रयागराज में हुई पंच परमेश्वर की बैठक में निरंजनी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी ने सुसाइड लेटर की सच्चाई पर सवाल खड़े कर दिए। निरंजनी अखाड़े के पंच परमेश्वर के सदस्य बलवीर गिरी को महंत नरेंद्र गिरी का उत्तराधिकारी घोषित करने से भी उन्होंने इंकार कर दिया। ऐसे में महंत नरेंद्र गिरी का उत्तराधिकारी कौन होगा यह अभी तय नहीं हो पाया है। पंच परमेश्वर की अगली बैठक 25 सितंबर को होगी जिसमें उत्तराधिकारी की घोषणा की जा सकती है।
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इसी दौरान अखाड़ा परिषद की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि महंत नरेंद्र गिरि की मौत की जांच अखाड़ा परिषद भी करेगा। बताया गया कि 16 दिन बाद होने वाले सोलसी भंडारे के बाद ही जांच की बात की जाएगी। तब तक सरकारी जांच के परिणाम भी सामने आ चुके होंगे। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए लगता है कि महंत नरेंद्र गिरि की मृत्यु को लेकर अभी और भी मोड़ आएंगे और अनेक पहलुओं से रूबरू होना अभी बाकी है।

