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Suicide Case: मौत को गले लगाने की आखिर वजह क्या है,मोबाइल से खुलेगे राज

Suicide case News

मेरठ। जिले में 48 घंटे के भीतर नर्सिग की छात्रा सहित तीन लोगों ने आत्महत्याएं कर ली। इनमें एक बीसीए का छात्र भी है। आत्महत्या करने वालों की संख्या में जिले में तेजी से इजाफा होता जा रहा है। इस आत्महत्या की क्या वजह रही यह तो कहना मुश्किल है। लेकिन पुलिस ने तीनों के मोबाइल कब्जे में लेकर फॉरेंसिक लैब में जांच के लिए भेज दिए हैं। बता दें कि मेरठ के पल्लवपुरम निवासी बीसीए के छात्र यश, इंचौली थाना क्षेत्र के गांव साधारनपुर के विपिन और गढ़ रोड मेडिकल थाना क्षेत्र स्थित एक अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा आरजू की मौत का असली राज भले ही तीनों की मृत्यु के साथ दफन हो गया हो। लेकिन पुलिस तीनों के मोबाइल से उनकी मौत का राज खोलने की कोशिश कर रही है। पुलिस ने तीनों के मोबाइल कब्जे में लेकर फॉरेंसिक लैब में भेजा।

आनंद नर्सिंग कॉलेज में बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा आरजू ब्लड कैंसर की भी मरीज थी। उसकी परिवार के लोगों से हमेशा बातचीत होती रहती थी। आरजू के इस कदम से परिवार भी सदमे में हैं। परिजन यह जानने की कोशिश में हैं कि बेटी ने ऐसा कदम क्यो उठाया। पोस्टमार्टम के बाद पिता राजकुमार बेटी आरजू का शव दिल्ली ले गए।

पुलिस का दावा है कि आरजू के पास से सुसाइड नोट मिले। जिनकी जांच की जा रही है। वहीं उसकी रूम पार्टनर से पूछताछ की जा रही है। इंस्पेक्टर मेडिकल बच्चू सिंह ने बताया कि आरजू का मोबाइल और सुसाइड नोट फॉरेंसिक लैब भेजा है। वहीं दूसरी ओर पल्लवपुरम निवासी बीसीए का छात्र यश शर्मा ने परिवार के साथ बैठकर खाना खाया उसके बाद कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी। खाना खाते समय यश के दिमाग में क्या चल रहा था। यह उसके परिजनों को भी नहीं पता। पुलिस ने सुसाइड नोट तलाशा वो नहीं मिला। अब यश का मोबाइल जांच के लिए भेजा है।

तीसरी घटना में इंचौली थाना क्षेत्र के गांव साधारनपुर में एक किसान के युवा बेटे विपिन ने कनपटी पर गोली मारी थी। पुलिस ने परिजनों से आत्महत्या का कारण पूछा, लेकिन वो कोई जानकारी नहीं दे सके।

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