न्यूज़ डेस्क – नेपाल में हाल ही में बनी अंतरिम सरकार को लेकर हालात तेजी से बदल रहे हैं। सुशीला कार्की ने प्रधानमंत्री पद संभाल लिया है, लेकिन अब Gen-Z आंदोलन का चेहरा रहे सुदन गुरुंग उनके खिलाफ सख्त तेवर दिखा रहे हैं।
गुरुंग का कहना है कि “जिसको मैं प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बिठाकर आया हूं, उसे हटाने में मुझे देर नहीं लगेगी।”
वह चाहते थे कि आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ वे पीएम कार्की से मिलें, लेकिन यह मुलाकात दो बार कोशिश के बावजूद नहीं हो पाई।
मंत्रिमंडल विस्तार में भी गुरुंग को अहमियत नहीं दी गई, जिससे उनकी नाराज़गी और बढ़ गई है।
पीएम कार्की का रुख
सुशीला कार्की ने सिंह दरबार में कार्यभार संभालते ही कहा कि Gen-Z आंदोलन की आड़ में जो हिंसा हुई, उसकी न्यायिक जांच होगी।
उन्होंने कहा कि आगजनी, हत्या और लूटपाट साजिश के तहत की गई घटनाएं हैं, ये सिर्फ युवाओं का काम नहीं हो सकता।
आंदोलन के दौरान 72 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे पूरे देश में आक्रोश और चिंता है।
सवाल ये है कि क्या गुरुंग और उनकी संगठन हामी नेपाल सरकार पर दबाव बनाते रहेंगे या अंतरिम सरकार और आंदोलनकारी युवाओं के बीच समझौता होगा। आने वाले दिनों में यह टकराव नेपाल की राजनीति को और अस्थिर कर सकता है।
