देहरादून। उत्तराखंड मैं छात्र अब वेद पुराण उपनिषद और रामायण पढ़ने जा रहे हैं। शिक्षा विभाग की इस नई पहल से उत्तराखंड देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जहां बच्चों को वेद पुराणों का ज्ञान दिया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग ने अपनी कवायद शुरू कर दी है। सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा तो इसी सत्र से उत्तराखंड में नई शिक्षा नीति लागू हो जाएगी। उत्तराखण्ड में शिक्षा पद्धति में आने वाले समय में बदलाव की कवायद में प्रदेश के स्कूलों में वेद, पुराण उपनिषद, रामायण और गीता को पाठ्यक्रम में शामिल किया जायेगा।
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उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड देश का ऐसा पहला राज्य होगा जो नई शिक्षा नीति को लागू करने वाला राज्य बनेगा। जल्द ही नया पाठ्यक्रम तैयार होगा जिसके बाद कैबिनेट की बैठक में नई शिक्षा नीति के तहत प्रावधानों पर मुहर लग जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने राज्य की शिक्षा पद्धत्ति में बदलाव की बात कही है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में स्पष्ट उल्लेख है कि भारतीय ज्ञान परंपरा के आधार पर छात्रों का पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। उसी के आधार पर वेद पुराण और गीता के साथ स्थानीय लोक भाषाओं को प्रोत्साहन देने के लिए भी योजना तैयार की जा रही है।
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शिक्षा मंत्री ने कहा उत्तराखंड के साथ अप ही धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड का इतिहास और भूगोल भी अब उत्तराखंड के छात्रों को पढ़ाया जाएगा। शिक्षा नीति को लागू करने से पहले इसे पब्लिक की राय जानने के लिए पब्लिक डोमेन पर डाला जाएगा। पब्लिक की राय आने के बाद इस शिक्षा नीति को क्लिमेंट किया जाएगा।
