मेरठ। महानगर के गंगानगर स्थित आइआइएमटी विश्वविद्यालय के बीफार्मा के छात्रों ने फार्मेसी विभाग की छत पर चढ़ कर कूदने का प्रयास किया। बीफार्मा और डीफार्मा के छात्र परीक्षाफल में बैक आने पर विरोध जताते हंगामा कर रहे है। हंगामे की सूचना पर पहुँची पुलिस ने समझाबुझा कर छात्रों को नीचे उतारा। तीन चार दिन पूर्व भी छात्रों ने परीक्षा में फेल करने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया था।
छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन की तरफ से एक सप्ताह में छात्रों की समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था। समाधान ना होते देख एक बार फिर से दोनों विभागों के छात्रों ने हंगामा करना शुरू कर दिया है। कुछ छात्र पांच मंजिला इमारत पर चढ़ गए और नीचे कूदने का प्रयास किया। छात्रों को ऐसी हालत में देख विश्वविद्यालय प्रबंधन के हाथ पांव फूल गए। हंगामे की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची। उन्होंने बिल्डिंग की छत पर पहुंचकर छात्रों की समस्या सुनी।
छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सैकड़ों छात्रों की परीक्षा में बैक लगा दी। कुछ छात्रों की वार्षिक बैक भी लगाई है। छात्रों ने कहा कि उन्हें पास करके अगले सत्र में भेजा जाए। एचओडी व डीन पर भी छात्रों ने अभद्रता करने का आरोप लगाया। घंटो चले हंगामे के बाद पुलिस पांच छात्रों की कुलपति डा. दीपा शर्मा से वार्ता कराई। कुलपति ने छात्रों की समस्या सुनकर एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करने की बात कही।
वहीं मीडिया प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया, फार्मेसी कौंसिल आफ इंडिया की गाइड लाइन के अनुसार परीक्षाफल तैयार किया गया है। छात्रों को फिर से उत्तर पुस्तिका की पुन: जांच का आफर दिया है। इसके बाद भी छात्रों को अगर शिकायत है तो उन्हें कौंसिल में करनी चाहिए थी। इस तरह हंगामा करना बहुत गलत है।

